जीरकपुर। ढकोली क्षेत्र से होकर गुजरने वाला पंचकूला की ओर से आने वाला बरसाती नाला अब स्थानीय निवासियों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बन गया है। नाले से उठने वाली तेज बदबू के चलते आसपास की सोसाइटियों- स्पेंगल हाइट्स, हरमिटेज, शालीमार एनक्लेव और कृष्ण एनक्लेव में रहना दिन-ब-दिन मुश्किल होता जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नाले में बहने वाला पानी सामान्य नहीं है, बल्कि इसमें फैक्ट्रियों से निकलने वाला केमिकल युक्त दूषित पानी मिल रहा है। इससे क्षेत्र में बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ गया है और लोगों में भय का माहौल है। नाले के किनारे खुले होने के कारण दुर्घटनाओं का खतरा भी लगातार बना हुआ है। लोगों का कहना है कि किसी भी समय कोई बच्चा, वाहन चालक या जानवर इसमें गिर सकता है, जिससे बड़ा हादसा हो सकता है।
लोगों की जुबानी दर्द
नाले से इतनी तेज बदबू आती है कि घर में बैठना भी मुश्किल हो गया है। प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। - हंसराज शर्मा
हमें शक है कि इसमें फैक्ट्रियों का केमिकल युक्त पानी बह रहा है, जो हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है। - संजीव धीमान
नाला खुला होने के कारण हर समय दुर्घटना का डर बना रहता है। बच्चों की सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता है। - अनिल सिक्का
प्रशासन को चाहिए नाले का स्थायी समाधान निकाले। इसे पूरी तरह कवर किया जाए या फिर इसके किनारों पर पक्की दीवार बनाई जाए। - राधेश्याम
प्रशासन का पक्ष
इस नाले में बहने वाले गंदे पानी के संबंध में पंचकूला प्रशासन के साथ संपर्क किया गया है। जांच जारी है। उन्होंने कहा कि यदि कहीं से भी सीवरेज या अन्य दूषित पानी डाला जा रहा होगा तो उसे रोका जाएगा। नाले के दोनों तरफ जाली लगाने का एस्टीमेट तैयार कर लिया गया है और जल्द ही इस काम को शुरू कराया जाएगा, ताकि लोगों को राहत मिल सके। - परविंदर सिंह भट्टी, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद जीरकपुर