बारिश के कारण अनाज मंडी में रखा धान भींग गया है। इससे किसान परेशान हैं। मंडी में उनके उत्पाद को रखने का कोई पुख्ता इंतजाम नहीं है।
कई दिनों तक मंडी में दिन-रात बैठे किसान धान को बेचने के लिए खरीद एजेसियों से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। बदइंतजामी के कारण मंडी में हर तरफ धान के ढेर लगे हैं। धान भींगने किसानों में रोष है। किसानों ने कहा कि उनको वित्तीय नुकसान उठाना पड़ रहा है।
किसान सुरमुख सिंह परागपुर, बलदेव सिंह इस्सापुर, काका सिंह परागपुर, राम सिंह बरौली, पवन कुमार, दर्शन सिंह कारकौर, अमरजीत सिंह भांखरपुर, रणदीप सिंह, बरौली से बहादर सिंह, र्स्वण सिंह, अजीत सिंह, रिषीपाल हरिपुर हिदुंआ आदि ने बताया कि पिछले कई दिनों से मंडी में उनके धान की बेकदरी हो रही है। खरीद एजेसियां समय पर धान की खरीद करने मंडी में नहीं पहुंची हैं और न ही अभी तक बरदाना पहुंचा है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा एक अक्तूबर से खरीद शुरू करने के बावजूद यहां खरीद शुरू हुई है। वहीं मौसम बार-बार मिजाज बदला है। वीरवार को हुई बारिश के कारण उनका धान भींग गई।
शुक्रवार को भी बारिश का मौसम बना हुआ था। बारिश के पानी से बचने के लिए फटी तिरपालों के अलावा कोई प्रंबध नहीं है। यदि धान को समय पर न उठाया गया, तो जिस तरह का मौसम बना हुआ है। किसी समय बारिश हो सकती है। फसल में नमी आ जाएगी, तो धान को कोई नही खरीदेगा।
रोष व्यक्त करते हुए किसानों ने कहा कि सरकार किसानों को हर सहूलियतें देने का जो दावा करती है, वह केवल कागजों तक समिति है। किसान अपनी फसल को बेचने के लिए परेशान है। मंडी में किसानों के बैठने एवं रुकने का कोई ठीक ढंग प्रंबध नहीं है। वे सारे दिन फसल बेचने के लिए इधर-उधर भटकते रहते हैं।
एफसीआई के इंस्पेक्टर सुभाष भारती ने कहा कि बारदाने की समस्या से खरीद करने में कुछ देरी हुई थी, लेकिन पिछले दिनों से फसल की खरीद की जा रही है। अब तक तीन हजार क्विंटल के लगभग धान की की खरीद हो चुकी है।
डेराबस्सी मार्केट कमेटी के सचिव गोपाल कृष्ण ने कहा कि बरदाना आने में देरी होने कारण फसलों की खरीद ठीक समय पर नहीं हो सकी है, लेकिन अब तेजी से किसानों का धान खरीदा जा रही है। समगौली मंडी में भी खरीद शुरू हो चुकी है।