जीरकपुर। रेलवे विभाग की ओर से हरमिलाप नगर-बलटाना रेलवे फाटक पर जरूरी मरम्मत के चलते पांच दिन के लिए बंद कर दिया गया है। हालांकि पहले कहा जा रहा था कि रोजाना 12 घंटे बंद रखा जाएगा। लेकिन विभाग ने बुधवार को फाटक पर जो नोटिस चस्पा किया है उसके अनुसार पांच दिन के लिए पक्के तौर पर ही बंद रहेगा। मरम्मत पूरी होने के बाद फाटक 15 सितंबर को रात साढ़े 8 बजे तक खुलने की जानकारी दी जा रही है।
वहीं, फाटक बंद होने से स्थानीय लोगों भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। क्योंकि बलटाना क्षेत्र से चंडीगढ़ और पंचकूला जाने वाले लोगों के लिए यह आसान और शाॅर्टकट है। इसके बंद होने से लोगों को अब पंचकूला के सेक्टर-19 के फ्लाईओवर, पंचकूला बैरियर या फिर जीरकपुर की ओर से घूमकर जाना पड़ रहा है। इस कारण काफी समय भी लग रहा है और कई किलोमीटर लंबा चक्कर भी काटना पड़ रहा है। ड्यूटी पर जाने वाले लोगों और स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए बड़ी समस्या हो गई है। बुधवार को तो कई स्कूल बसों द्वारा स्कूली बच्चों को फाटक से पहले ही उतार दिया गया और अभिभावकों को फाटक पार कर पैदल बच्चों को घर लेकर जाना पड़ा। वहीं ऑटो चालक भी सवारियों को फाटक से पहले ही उतार रहे हैं। इस कारण कई लोगों को दो बार ऑटो करने पड़ रहे हैं और कई को पैदल घर जाना पड़ा। वहीं, परेशान राहगीरों में रोबिन, राजेश मलिक, अनिल मान, मोहित गर्ग, पंकज, सुधीर कुमार, पिंकी, सोनिया देवी, बलविंदर सिंह के अलावा अन्य लोगों ने बताया कि भले ही समाचार पत्रों के जरिए फाटक बंद होने की जानकारी मिल गई है, लेकिन रेलवे विभाग को यह काम रात के समय करना चाहिए था। क्योंकि रात में ट्रैफिक कम होता है, या फिर कोई दूसरा वैकल्पिक रूट जरूर निकालना चाहिए था। इसके अलावा फूड व अन्य डिलीवरी बाॅय और स्कूल जाने वाले बच्चों को भी भारी परेशानी हो रही है। उन्होंने बताया कि वह गूगल मैप से चलते हैं तो यहां फाटक बंद मिलता है।
कोट्स
हरमिलाप नगर रेलवे फाटक को लाइन की मरम्मत के लिए 11 से 15 सितंबर तक पांच दिन के लिए पक्के तौर पर बंद रखा जाएगा। लोगों को परेशानी जरूर हो रही है, लेकिन रेलवे ट्रेक की मरम्मत भी बेहद जरूरी है। चंडीगढ़-अंबाला तक पूरी लाइन की मरम्मत अलग-अलग दिनों में की जा रही है। इसके लिए लोगों को थोड़ा एडजस्ट करना ही पड़ेगा। विभाग की ओर से इसकी जानकारी ट्रैफिक पुलिस और प्रशासन को दे दी गई थी। -विवेक, साइट इंजीनियर रेलवे विभाग