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Mohali News: वीआईपी सिटी में पंजाब का पहला ‘मदर मिल्क बैंक’ बनकर तैयार, नवजातों के लिए बनेगा वरदान

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मोहाली। नवजात शिशुओं के लिए मां का दूध वरदान होता है, लेकिन कई बार मां किसी कारणवश अपने शिशु को स्तनपान करवाने में असमर्थ होती है। ऐसे में यह बच्चे की सेहत के लिए हानिकारक भी हो सकता है। इस समस्या के समाधान के लिए वीआईपी सिटी मोहाली में पंजाब का पहला मदर मिल्क बैंक बनने जा रहा है। इसे मदर मिल्क बैंक या पीडीएचएम (पॉश्चराइज्ड डोनर ह्यूमन मिल्क) या सीएमएलसी (कॉम्प्रिहेंसिव लैक्टेशन मैनेजमेंट सेंटर) भी कहा जाता है। यह मदर मिल्क बैंक एम्स मोहाली और रोटरी क्लब चंडीगढ़ के सहयोग से फेज-6 स्थित जच्चा-बच्चा विंग की पहली मंजिल में बनने जा रहा है। 17 जनवरी को पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलवीर सिंह सिंह औपचारिक रूप से इसका उद्घाटन कर सकते हैं। फिलहाल इसकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। यहां ह्यूमन मिल्क बैंक में इस्तेमाल होने वाली सभी मशीनें आ चुकी हैं। ट्रकों की हड़ताल के कारण एक पॉश्चराइजिंग मशीन नहीं आ पाई है, वह पांच-सात दिनों में पहुंच जाएगी। उसे इंस्टॉल करने के बाद बैंक पूरी तरह तैयार हो जाएगा।
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डीप फ्रीजर में 3 से 6 महीने तक रख सकते हैं दूध
एम्स मोहाली के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. साहिल विकास बताते हैं कि भारत में बर्थ रेट काफी ज्यादा है। इनमें 20 प्रतिशत बच्चे प्रीमेच्योर होते हैं या फिर मां किसी कारणवश दूध पैदा नहीं कर पाती या किसी मां को काफी ज्यादा दूध आता है। ऐसे में जिन बच्चों को दूध की जरूरत है, वे यहां से निशुल्क ले सकती हैं और जिन माताओं का दूध बच्चे की जरूरत से ज्यादा आता है तो वे यहां दूध दान भी कर सकती है। इस दूध को डीप फ्रीजर में 3 से 6 महीने तक रखा जा सकता है।

दूध लेने की प्रक्रिया
किसी मां को दूध दान करना हो या लेना हो तो उससे पहले एक फार्म भरवाया जाता है। इसमें बच्चे की जन्मतिथि, वजन, लिंग आदि की जानकारी देनी पड़ती है। इसके अलावा मां के कुछ टेस्ट किए जाते हैं, जैसे एचआईवी, हैपेटाइटिस बी-सी और बीडीआरएल। हालांकि ज्यादातर मामलों में इन टेस्ट की जरूरत नहीं पड़ती, क्योंकि यह बच्चे के जन्म से पहले ही करवाए जाते हैं। इनकी रिपोर्ट के आधार पर भी मां की सेहत का आंकलन किया जाता है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद बच्चे के वजन के हिसाब से दूध दिया जाता है जो उसे 24 घंटे के अंदर-अंदर बच्चे को पिलाना पड़ता है।
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वजन के हिसाब से मिलेगा दूध
बच्चे के जन्म के बाद अगर मां का दूध नहीं बनता है तो वह अस्पताल में आवेदन कर सकती है। इसके बाद बच्चे के वजन के हिसाब से एक किलोग्राम के बच्चे पर पांच एमएल दूध प्रतिदिन दिया जाएगा। अस्पताल उसे छह महीने तक दूध उपलब्ध करवाएगा। वहीं इसके बाद बच्चे को दलिया और अन्य तरल पदार्थों को देने के लिए कहा जाएगा।

इच्छुक महिलाएं अस्पताल में करें दान
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. साहिल विकास ने कहा कि जिन महिलाओं को बच्चे के जन्म के बाद अधिक दूध आ रहा है, वे उसे फेंकने के बजाय अस्पताल आकर दान करें, ताकि जरूरतमंद महिलाओं को देकर बच्चों को स्वस्थ बनाया जा सके।

फरीदकोट में भी बनेगा मदर मिल्क बैंक
मोहाली में मिल्क बैंक की सफलता के बाद अब जल्द ही फरीदकोट में भी मदर मिल्क बैंक बनाया जाएगा। इसके बनने के बाद राज्य के लोगों को काफी राहत मिलेगी। वहीं, यह बैंक बनने से अब बच्चों को मां के दूध के बिना नहीं रहना पड़ेगा।
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