खुलासा : आरोपी नामी कंपनियों के रैपर में नकली दवाएं पैक कर बेचते थे, चार दिन के रिमांड पर हैं तीनों आरोपी
- हाल ही में एक मशहूर पंजाबी गायिका के साथ आया है छिंदा का गाना
- सरगना छिंदा ने की है फार्मेसी की पढ़ाई, बद्दी की फार्मा कंपनी में कर चुका है काम
संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। लांडरा-बनूड रोड स्थित गांव तंगोरी के एमके टेक्नोलॉजी पार्क में नकली दवाओं की फैक्टरी चलाने वाला पिंजाैर निवासी छिंदा सिंह पंजाबी गायक है। हाल ही में एक महशूर पंजाबी गायिका के साथ उसका गाना भी आया है। यह खुलासा पकड़े गए तीनों आरोपियों से पूछताछ में हुआ है।
आरोपियों से पुलिस ने रिमांड दौरान वीआईपी नंबर की तीन लग्जरी कारें भी बरामद की हैं। इनमें दो फॉर्च्यूनर और एक टॉप मॉडल स्कार्पियो कार शामिल है। तीनों कारों को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। पुलिस यह मानकर चल रही है कि नकली दवाओं की कमाई से ही ये कारें खरीदी गई हैं। अब इसकी जांच की जा रही है।
पुलिस ने इस मामले में छिंदा सिंह के अलावा गांव सूरजपुर (पंचकूला) निवासी हरप्रीत सिंह व गांव निरजापुर निवासी सुमित कुमार को गिरफ्तार किया था। आरोपी चार दिन के पुलिस रिमांड पर हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, नकली दवा फैक्टरी के सरगना छिंदा सिंह ने फार्मेसी की पढ़ाई कर रखी है और वह पहले बद्दी में एक फार्मा कंपनी में नाैकरी करता था। वहीं से उसे दवाइयां बनाने की जानकारी हुई।
पूछताछ में आरोपियों ने इस बात का भी खुलासा किया कि नकली दवाइयां बनाने के लिए उन्होंने लांडरा-बनूड रोड पर स्थित गांव तंगोरी के एमके टेक्नोलॉजी पार्क में जमीन किराये पर ली थी। फैक्ट्री की पहली और दूसरी मंजिल पर ब्रांड न्यू मशीनें लगाई गई थीं, जिनसे बीपी व शूगर की नकली दवाइयां तैयार की जा रही थीं।
दिल्ली-यूपी समेत अन्य राज्यों में करते थे सप्लाई
आरोपी नकली दवाइयों को बड़ी और नामी कंपनियों का रैपर में पैक कर बेचते थे। जिस फैक्टरी में नकली दवाइयां बनाई जा रही थीं, उसके बाहर किसी तरह का कोई बोर्ड तक नहीं लगा रखा था ताकि किसी को यह पता न चल सके कि वहां पर दवाइयां बनाई जाती हैं। आरोपी गुपचुप तरीके से यहां नकली दवाइयां बना रहे थे। जैसे ही नकली दवाइयों का स्टॉक तैयार होता था, जिसे नामी कंपनियों के रैपर में पैक कर दिल्ली, यूपी समेत अन्य राज्यों में सप्लाई किया जा रहा था। जल्द ही मोहाली पुलिस आरोपियों को लेकर यूपी जाएगी ताकि नकली दवाइयों के इस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया जा सके।
क्या है पूरा मामला
कुछ दिन पहले पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एमके पार्क तंगौरी में कुछ लोग नकली दवाइयां बनाकर बेचने का कारोबार करते हैं। आईटी सिटी पुलिस के एसएचओ सिमरजीत सिंह शेरगिल ने पुलिस टीम के साथ पार्क के प्लॉट नंबर- 597 पर छापा मारा। जांच में पता चला कि फैक्टरी में बीपी और शुगर सहित कई तरह की नकली दवाएं बनाई जाती हैं। फैक्टरी से पुलिस को टेल्मा एम, क्लेव की पैकिंग बरामद हुई। पुलिस के अनुसार, टेल्मा कंपनी कई प्रकार के टैबलेट बनाती है, जिन्हें गंभीर बीमारियों में इस्तेमाल किया जाता है।