मोहाली। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने भारत सरकार के नेशनल स्किल्स क्वालिफिकेशंस फ्रेमवर्क (एनएसक्यूएफ) के तहत स्वयं को डुअल सर्टिफिकेट बॉडी बनाने की प्रक्रिया शुरू की है। इस कदम का उद्देश्य राज्य में कौशल-आधारित शिक्षा को प्रोत्साहित कर विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी बनाना है। बोर्ड चेयरमैन डॉ. अमरपाल सिंह ने कहा कि शिक्षा का मकसद केवल मूल्यांकन नहीं, बल्कि सशक्तिकरण है। इससे विद्यार्थियों को अकादमिक और व्यावसायिक कौशल दोनों में पहचान मिलेगी। इस मिशन के तहत बोर्ड ने लेंड ए हैंड इंडिया संस्था के साथ एमओयू साइन किया है ताकि राज्य के विद्यालयों में स्किल शिक्षा को सुदृढ़ किया जा सके और एनएसक्यूएफ ढांचे को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।