कूड़े की समस्या को लेकर बैठक करते सफाई फेडरेशन के पदाधिकारी। संवाद
मोहाली। पंजाब सफाई मजदूर फेडरेशन 25 अप्रैल से एरोसिटी और आईटी सिटी सहित मोहाली शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन का काम बंद करके अनिश्चितकालीन हड़ताल करेगी। इसके अलावा एसएसपी कार्यालय के समक्ष कूड़ा डंप कर प्रदर्शन भी करेगी। फेडरेशन डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन का ठेका अन्य व्यक्ति को देने के विरोध में यह आंदोलन करेगी। सोमवार को फेडरेशन की सेक्टर-68 के नगर भवन में हुई एक हंगामेदार बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि आईटी सिटी आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष बलबीर वधवा, सदस्य मनप्रीत सिंह सिद्धू, सदस्य योगेश मोहन और कालीचरण के घरों के सामने पंजाब सफाई कर्मचारी फेडरेशन के कर्मचारी कचरा फेंककर विरोध प्रकट करेंगे।
पंजाब सफाई मजदूर फेडरेशन की एक हंगामेदार बैठक सेक्टर-68 के नगर भवन में की गई। फेडरेशन के राज्य वरिष्ठ उपाध्यक्ष मोहन सिंह ने बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में प्रदेश महासचिव पवन गोदियाल, मोहाली अध्यक्ष राजन चावरिया, बृज मोहन, राजिंदर बागड़ी, राजू संगेलिया, सचिन कुमार, रोशन लाल और जय सिंह के अलावा जीरकपुर से शमशेर सिंह, सुखवीर सिंह, नवां गांव से तीरथपाल, खरड़ से बिंदर सिंह बलकेश कुमार समेत कई नेता बड़ी संख्या में शामिल हुए। पवन गोदियाल ने बताया कि अब यह मामला हरसिमरन सिंह बल डीएसपी सिटी-2 के पास है। अगर 22 अप्रैल तक हमारी मांगों का समाधान नहीं हुआ तो 25 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी।
यह है मामला
बैठक के दौरान चर्चा की गई कि आईटी सिटी रेजिडेंशियल वेलफेयर एसोसिएशन ने हाल ही में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन का ठेका किसी अन्य व्यक्ति से कोटेशन लेकर दे दिया है। इसके विरोध में 8 अप्रैल को फेडरेशन ने आवासीय कल्याण संघ के अध्यक्ष और सदस्यों के घरों के सामने कूड़ा फेंकने की घोषणा की। इसके बाद आईटी सिटी पुलिस स्टेशन के मुख्य अधिकारी ने निर्णय लिया कि किसी भी बाहरी व्यक्ति को ठेका नहीं दिया जाएगा। नए ठेकेदार को कल्याण संघ द्वारा बेदखल कर दिया जाएगा।
यह निर्णय आईटी सिटी थाने के एसएचओ की मौजूदगी में लिया गया। वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष व सदस्यों, विशेषकर आबकारी एवं कराधान विभाग में तैनात सहायक आयुक्त कालीचरण का उस निर्णय पर कोई प्रभाव नहीं था। इस कारण सभी सफाई कर्मचारियों में रोष और आक्रोश है। संगठन की मांग है कि 22 अप्रैल 2025 तक हमारी मांग का समाधान किया जाए और नए ठेकेदार का एरोसिटी और आईटी सिटी में प्रवेश रोका जाए। अगर ऐसा न हुआ तो संगठन संघर्ष करने को मजबूर होगा।