जीरकपुर। किराये के बोझ से छुटकारा पाने के लिए अपनी दुकान/शोरूम आदि बनाने का सपना देखने वाले लोगों पर पंजाब की कैप्टन सरकार ने नक्शा फीस में बढ़ोतरी करके और बोझ डाल दिया है। जबकि कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर से पैदा हुई आर्थिक तंगी के कारण लोग मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। इनकी मुश्किलों को कम करने के बजाय पंजाब की कांग्रेस सरकार ने नक्शा फीस में बढ़ोतरी करके आम आदमी को तगड़ा झटका दिया है।
दरअसल कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में राज्य की सत्ता पर विराजमान पंजाब सरकार ने नगर परिषद की सीमा में आने वाली प्रॉपर्टी खरीदकर बनाए जाने वाली दुकान/शोरूम के निर्माण से पहले तैयार होने वाले नक्शा की एकमुश्त फीस में 15 फीसदी बढ़ोतरी कर दी है। इसका असर सीधा शहर के अंदर रहने वाले हरेक वर्ग के लोगों पर पड़ा है। अब लोगों को नक्शा फीस के लिए अपनी जेब पहले के मुकाबले और ज्यादा ढीली करनी पड़ेगी।
दुकान के लिए 3765 की जगह चुकाने होंगे 4330 रुपये प्रतिवर्ग गज
जानकारी के मुताबिक अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे और ट्राइसिटी की सीमाओं से सटा शहर जीरकपुर सबसे पसंदीदा शहर बन गया है। इस कारण भारी संख्या में लोगों ने लाखों रुपये निवेश करते हुए यहां आकर रहना शुरू कर दिया है और इसका असर यह हुआ कि कुछ साल में ही जीरकपुर शहर की आबादी करीब चार लाख तक के आंकड़े को छू गई है। वहीं, शहर की अधिकतर आबादी गांव के मुकाबले कॉलोनियों और अपार्टमेंट्स की ऊंची-ऊंची ईमारतों में बनकर तैयार फ्लैटों में रहती है। इस छोटे से शहर की इतनी बढ़ी आबादी की जरूरतों को देखते हुए प्रॉपर्टी बाजार से जुड़े लोगों ने कॉमर्शियल प्रॉपर्टी में निवेश को तरजीह दी, जिससे सही समय आने पर लोगों को उनके बजट के मुताबिक मकान-दुकान उपलब्ध करवाई जा सकें।
दूसरी ओर, कॉमर्शियल प्रॉपर्टी में निवेश करके बैठे उन लोगों की उम्मीदों पर पानी फिर गया, जब पंजाब की कांग्रेस सरकार ने नक्शा फीस में बढ़ोतरी कर दी। क्योंकि जीरकपुर के अंदर दुकान का नक्शा पास करवाने के लिए अभी तक आवेदनकर्ता को 3765 रुपये प्रतिवर्ग गज के हिसाब से एकमुश्त नक्शा फीस अदा करनी पड़ती थी, परन्तु सरकार द्वारा जारी नए आदेशों के बाद 4330 रुपये प्रतिवर्ग गज अदा करने पड़ेंगे। इसी तरह, मकान का नक्शा पास करवाने के लिए 775 की जगह 892 रुपये प्रतिवर्ग गज अदा करने पड़ेंगे।
2018 में हुआ था हर साल फीस बढ़ाने का फैसला
पंजाब सरकार ने इस साल भी नक्शा फीस में 15 फीसदी बढ़ोतरी की है। इस कारण आवेदनकर्ता को अब पहले के मुकाबले नक्शा फीस ज्यादा अदा करनी पड़ेगी। नए आदेशों को इसलिए सार्वजनिक नहीं किया गया, क्योंकि वर्ष 2018 में इसको हर साल बढ़ाने का फैसला लिया गया था और अब जो फीस बढ़ाई है, यह उसी अधिसूचना का हिस्सा है।
- संदीप तिवारी, ईओ, जीरकपुर नगर परिषद।