मोहाली। विजिलेंस ब्यूरो की ओर से 3000 रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किए गए मंडी बोर्ड के कानूनगो अमरीक सिंह को जिला अदालत से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने शर्तों के साथ नियमित जमानत दे दी है। आरोपी पंजाब मंडी भवन मोहाली के डायरेक्टर कॉलोनाइजेशन में कानूनगो के पद पर कार्यरत है।
विजिलेंस ब्यूरो को लुधियाना निवासी कुलदीप सिंह ने शिकायत दी थी कि उसका 60 स्क्वायर यार्ड का नई अनाज मंडी की तरफ जिला लुधियाना में एक बूथ है। उसको बेचने के लिए उसे अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) चाहिए था। इसके बदले आरोपी ने 8000 रुपये रिश्वत की मांग की थी। जिसमें से 5000 रुपये उसे दे दिए गए थे। बाकी के 3000 रुपये अभी देने थे। शिकायतकर्ता की शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस ब्यूरो ने आरोपी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया और उसे 17 अगस्त को रंगे हाथों रिश्वत लेते पकड़ लिया।
अदालत में सुनवाई के दौरान आरोपी के वकील ने कहा कि आरोपी को लंबे समय से हिरासत में रखा हुआ है। उसे गलत केस में फंसाया गया है। अभी उसे हिरासत में रखने का कोई उद्देश्य भी विजिलेंस के पास नहीं है। जवाब में विजिलेंस ब्यूरो के वकील ने आरोपी की जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी पर गंभीर आरोप है। अगर उसे जमानत दी जाती है तो वह जांच एजेंसी को प्रभावित कर सकता है। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी की जमानत याचिका मंजूर कर दी है। लेकिन अदालत ने आरोपी को 50000 रुपये का व्यक्तिगत बांड भरने के आदेश दे दिए हैं। इसके अलावा अदालत ने शर्त लगाई है कि आरोपी को हर तारीख पर अदालत में हाजिर होना पड़ेगा। वह किसी भी साक्ष्य के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं करेगा और बिना अदालत की मंजूरी के देश से बाहर नहीं जाएगा।