मोहाली। पंजाब मुलाजिम और पेंशनर्स साझा फ्रंट के आह्वान पर मंगलवार को कर्मचारियों और पेंशनरों ने प्रदेश सरकार के बजट के खिलाफ तीसरे दिन भी विरोध प्रदर्शन जारी रखा। फेज-6 में विशाल रैली के बाद जब प्रदर्शनकारी पंजाब विधानसभा की ओर कूच करने निकले, तो चंडीगढ़ पुलिस ने उन्हें सीमा पर ही बैरिकेड्स लगाकर रोक लिया। इसके चलते पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच खींचतान जारी रही। साझा फ्रंट के प्रदेश कन्वीनरों धनवंत सिंह भट्ठल, जर्मनजीत सिंह और गगनदीप सिंह भुल्लर ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार लगातार कर्मचारियों और पेंशनरों की जायज मांगों को नजरअंदाज कर रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने अपने आखिरी बजट में कर्मचारियों के लिए कोई ठोस घोषणा न करके उनके जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया है। प्रदर्शनकारियों ने कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने, पुरानी पेंशन स्कीम लागू करने और लंबित महंगाई भत्ते (डीए) को जारी करने की मांग की। इसके अलावा, उन्होंने 2004 के बाद भर्ती कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन स्कीम और 2020 के बाद भर्ती कर्मचारियों के लिए वेतन स्केल लागू करने की मांग की। कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी कि जब तक कर्मचारी विरोधी नीतियों को वापस नहीं लिया जाता, उनका संघर्ष जारी रहेगा।