मैनेजमेंट की मनमानी व घटिया भोजन को लेकर कॉलेज के गेट के सामने दिया धरना
विद्यार्थी बोले- उनके साथ बंधुआ मजदूर जैसा किया जाता है व्यवहार
सुबह पौने 11 बजे धरना हुआ शुरू, मांगें मानने के बाद शाम 4 बजे उठाया
संवाद न्यूज एजेंसी
लांडरां/ बनू। नेशनल हाईवे पर स्थित ज्ञान सागर मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे छात्रों ने प्रबंधन की मनमानी और मेस में घटिया खाना मिलने को लेकर कॉलेज के गेट के बाहर धरना लगाकर प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। कॉलेज के गेट के बाहर सुबह करीब पौने 11 बजे एमबीबीएस छात्र प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों ने कहा कि इस कॉलेज के प्रबंधन द्वारा उनके साथ बंधुआ मजदूर जैसा व्यवहार किया जा रहा है।
विद्यार्थियों ने कहा कि प्रबंधन की वजह से हॉस्टल में रहने और मेस में खाने को प्राथमिकता दी गई है लेकिन उन्हें मेस से जो खाना मिलता है, वह बहुत घटिया किस्म का होता है। इस बारे में जब प्रबंधन से बात की जाती है तो उनका कहना है कि यही मिलेगा। वहीं अगर कोई छात्र बाहर से खाना ऑर्डर करता है तो उस ऑर्डर को अंदर नहीं आने दिया जाता है।
कुछ छात्राओं ने अपना नाम प्रकाशित नहीं करने पर बताया कि वह एरोसिटी, मोहाली, पटियाला, चंडीगढ़, खरड़ से पढ़ने के लिए यहां आती है लेकिन छुट्टियों के बाद उन्हें घर नहीं जाने दिया जाता है, जिससे उन्हें मजबूरन यहां रहना पड़ता है और उनके माता-पिता को हजारों रुपये देने पड़ते है जबकि बाबा फरीद यूनिवर्सिटी की ऐसी कोई शर्त नहीं है, जिसमें कहा गया हो कि हॉस्टल और मेस का खाना लेना जरूरी है। आसपास के सभी मेडिकल कॉलेजों में छात्र-छात्राएं अपने घर चले जाते हैं लेकिन इस कॉलेज के प्रबंधन के अपने नियम हैं जिसके चलते उन्हें आज यह प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
इस प्रदर्शन के दौरान मामला बढ़ता देख थानाध्यक्ष प्रिंसप्रीत सिंह, प्रभारी नगर राजपुरा राकेश कुमार, थाना बनूड़ के एएसआई बलविंदर सिंह और एएसआई अमरजीत सिंह पुलिस पार्टी के साथ मौके पर पहुंचे। विद्यार्थियों और प्रबंधन के साथ बैठक की। प्रबंधन ने छात्रों की कुछ मांगों को स्वीकार किया और आने वाले दिनों में कुछ मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया। इसके बाद छात्रों ने 4 बजे के करीब धरना समाप्त कर दिया। इस अवसर पर छात्रों ने प्रबंधन को चेतावनी भी दी कि यदि 10 दिनों के भीतर उनकी मांगें नहीं मानी गई, तो वे फिर से धरना देने को मजबूर होंगे।
कोट
प्रदर्शन करने वाले उनके कॉलेज के ही विद्यार्थी हैं। उनकी कुछ जायज मांगों को मान लिया गया है और बाकी मांगों को भी आकलन के बाद जल्द ही पूरा किया जाएगा। - डॉ. हरनाम सिंह, प्रबंधन अधिकारी