मोहाली। गवर्नमेंट टीचर्स यूनियन (जीटीयू) ने शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाए जाने का कड़ा विरोध जताया है। यूनियन नेताओं का कहना है कि पंजाब में बोर्ड परीक्षाएं नजदीक हैं, ऐसे समय में शिक्षकों को स्कूलों से हटाकर अन्य सरकारी योजनाओं के कामों में लगाना विद्यार्थियों की पढ़ाई पर सीधा असर डाल रही है। जारी विज्ञप्ति में जीटीयू के जिला मोहाली अध्यक्ष रविंदर सिंह पप्पी सिद्धू और जनरल सेक्रेटरी मनप्रीत सिंह गोसलां ने बताया कि प्रदेशभर में शिक्षकों की ड्यूटी विभिन्न गांवों में मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत बनाए जा रहे हेल्थ कार्डों के रजिस्ट्रेशन कैंपों में लगाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि पहले से ही बड़ी संख्या में शिक्षक बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) के रूप में चुनावी कार्यों में लगे हुए हैं। अब नई योजना के तहत कंप्यूटर और अन्य विषयों के शिक्षकों को भी अतिरिक्त ड्यूटियों पर भेज दिया गया है। यूनियन नेताओं ने विशेष रूप से कंप्यूटर शिक्षकों की तैनाती पर चिंता जताई। उनका कहना है कि कंप्यूटर शिक्षक स्कूलों में विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा देने के साथ-साथ परीक्षाओं के दौरान कई महत्वपूर्ण ऑनलाइन कार्य भी संभालते हैं। ऐसे समय में उनकी अनुपस्थिति से स्कूलों का शैक्षणिक और प्रशासनिक काम प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने बताया कि बोर्ड परीक्षाओं के दौरान शिक्षकों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है, इसलिए उन्हें गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाना विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने सरकार से मांग की कि सभी शिक्षकों को तुरंत प्रभाव से स्कूलों में वापस भेजने के आदेश जारी किए जाएं, ताकि पढ़ाई और परीक्षा संबंधी कार्य सुचारु रूप से चल सकें।