जीरकपुर। जीरकपुर नाभा साहिब के एक निजी स्कूल के बाहर बच्चों के पैरेंट्स ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। अभिभावकों का कहना है कि दो महीने से लॉकडाउन के चलते उनके कारोबार बंद पड़े थे। पंजाब सरकार ने ट्रांस्पोर्ट फीस और स्कूल फीस नहीं लेने का एलान किया है परंतु इसके बावजूद स्कूल संचालक तीन महीने की फीस के साथ वार्षिक एडमिशन फीस भी मांग रहे हैं।
पैैरेंट्स का कहना है कि एक ही बुक सेंटर से किताबें खरीदने के लिए मोबाइल पर मैसेज आता है। अगर वह स्कूल में से स्टेशनरी नहीं खरीदते तो उनके बच्चों के पढ़ने के लिए किताबें नहीं दीं जाती हैं। स्कूल में लगी किताबें बाहर से मार्केट में से नहीं मिलती हैं। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल प्रबंधकों की तरफ से उनके ऊपर दबाव बनाया जा रहा है।
फीस न भरने पर नाम काटने की दी जा रही धमकी
अभिभावकों का आरोप है कि फीस नहीं भरने पर बच्चों का नाम कटवा कर किसी दूसरे स्कूल में दाखिला करवाने की बात कही जा रही है। बच्चों के अभिभावकों ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान विद्यार्थी वर्ग के लिए पढ़ाई करना एक चुनौती बन गया है, ऑनलाइन पढ़ाई में विद्यार्थी कई समस्याओं का सामना कर रहे हैं।