मोहाली। फेज-11 में नगर निगम और गमाडा की संयुक्त टीम ने अवैध निर्माण तोड़ने के बाद घरों में चल रही दुकानों को बंद करवाना शुरू कर दिया है। स्थानीय लोगों में इसका विरोध तेज हो गया है। बुधवार से शुरू हुआ यह विरोध अब अनिश्चितकालीन धरने में बदल गया है। जहां बड़ी संख्या में प्रभावित निवासी नगर निगम की कार्रवाई को एकतरफा और मनमानी वाला बताया है। स्थानीय निवासी सोनिया सिद्धू, रमन अरोड़ा, विक्की गर्ग, बाला ठाकुर व अन्यों का आरोप है कि वर्षों से उनके घरों के ग्राउंड फ्लोर पर छोटी दुकानें चल रही हैं। इससे उनका घर का खर्च चलता है। अचानक बिना पर्याप्त नोटिस और बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के दुकानें बंद करवाना उनके साथ सीधा अन्याय है। लोगों का कहना है कि नगर निगम और गमाडा नियमों का हवाला देकर केवल चुनिंदा इलाकों में कार्रवाई कर रहे हैं, जबकि कई स्थानों पर इसी तरह की गतिविधियां जारी है। धरने पर बैठे लोगों ने चेतावनी दी है कि जब तक प्रशासन इस कार्रवाई पर रोक नहीं लगाता और दुकानों को चलाने के लिए स्पष्ट नीति नहीं लाता, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रख रहे हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर बड़े स्तर पर आंदोलन के लिए भी तैयार हैं।