शहर की तमाम रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशनों की संस्था सिटीजंस वेलफेयर एंड डेवलपमेंट फोरम ने प्रॉपर्टी टैक्स के खिलाफ मोर्चा खोलने के लिए संस्थाओं की मीटिंग बुलाई।
प्रधान सतवीर धनोआ की अगुवाई में हुई मीटिंग में सदस्यों ने प्रॉपर्टी टैक्स को जजिया करार दिया। उन्होंने कहा कि या तो औरंगजेब ने लोगों पर ऐसा टैक्स थोपा था, या अब पंजाब सरकार ऐसा कर रही है। इसके खिलाफ लोग सड़कों पर उतरेंगे।
मीटिंग में वक्ताओं ने कहा कि मोहाली की तुलना बाकी शहरों से नहीं की जा सकती। यहां शहर बसाते समय प्लॉट मालिकों से विकास संबंधी सारे खर्च डाल कर प्लॉटों की कीमत ली गई थी।
हालांकि अभी तक वह विकास नहीं हुआ है, आधा शहर अभी भी अर्ध-विकसित है। इसे चंडीगढ़ का हिस्सा माना जाता है, परंतु वैसी सहूलियतें नहीं दी गईं।
अब चंडीगढ़ से कई गुना ज्यादा प्रॉपर्टी टैक्स वसूला जा रहा है। गमाडा द्वारा कमाए करोड़ों रुपये दूसरे शहरों में लगाए जा रहे हैं। नगर निगम बनने के बाद से चुनाव नहीं हुए, जन-प्रतिनिधियों के बजाय अफसर ही इसे चला रहे हैं।
शहर में प्रॉपर्टी टैक्स लगाने का फैसला लोगों द्वारा चुना निगम सदन ही कर सकता है।
प्रधान धनोआ ने कहा कि फोरम की कार्यकारिणी की मीटिंग आठ अक्तूबर को बुलाई गई है।
इसमें एक्शन का ऐलान कर दिया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि टैक्स न दें और इसके खिलाफ संघर्ष में शामिल हों। मीटिंग को पीएस विरदी, कर्नल डीपी सिंह, जरनैल क्रांति, रिपुदमन सिंह रूप, जसवंत कुंभड़ा, जीएस बैंस, जसवंत सिंह, परमिंदर सिंह तूर, करम सिंह धनोआ एवं एचएस मंड ने भी संबोधित किया।