जीरकपुर। कोविड-19, बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं में माता-पिता या सहारा खो चुके बच्चों के लिए पंजाब सरकार की प्रोजेक्ट मुस्कुराहट योजना नई उम्मीद बनकर सामने आई है। योजना के तहत जरूरतमंद बच्चों को 23 वर्ष की आयु पूरी होने पर 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, हर साल 20 हजार रुपये की शिक्षा सहायता, वयस्क होने तक हर महीने चार हजार रुपये की स्पॉन्सरशिप, स्वास्थ्य बीमा, मनोवैज्ञानिक परामर्श और कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जाएगा। सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने मंगलवार को छत्तबीड़ चिड़ियाघर में बच्चों से मुलाकात कर यह जानकारी दी।
मंत्री ने बच्चों के साथ समय बिताया, उनकी समस्याएं सुनीं और सरकार की ओर से दी जा रही सुविधाओं की जानकारी दी। इस दौरान बच्चों ने चिड़ियाघर घूमकर खुशी जाहिर की। डॉ. बलजीत कौर ने बच्चों के साथ बैठकर दोपहर का भोजन भी किया, जिससे कार्यक्रम का माहौल पारिवारिक बन गया।
यह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों के सुरक्षित और आत्मनिर्भर भविष्य की दिशा में एक व्यापक पहल है। इसके तहत गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है।
42 बच्चों को सरकारी योजनाओं का दिया जा चुका लाभ
योजना को पूरी पारदर्शिता के साथ लागू किया जा रहा है। जिला प्रशासन जरूरतमंद बच्चों की पहचान करता है, जबकि चाइल्ड वेलफेयर कमेटी उनका सत्यापन करती है। इसके बाद लाभ की राशि सीधे बच्चों के बैंक खातों में भेजी जाती है।
उन्होंने बताया कि कोविड-19 के कारण 43 बच्चे अनाथ हुए थे, जबकि चार बच्चे बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इनमें से 42 बच्चों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जा चुका है। सरकार की ओर से कॉलेजों में विशेष सीटें, फीस माफी और संपत्ति सुरक्षा जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।