मोहाली। एक हिंदू नेता को जान से मारने की धमकी देने के मामले में अतिरिक्त जिला सत्र न्यायाधीश की अदालत ने गैंगस्टर सुखप्रीत बुड्ढा के 23 अक्तूबर तक प्रोडक्शन वारंट जारी किए हैं। यह आदेश जेल अधिकारियों द्वारा सुखप्रीत को अदालत में पेश न करने के चलते दिया गया है।
वहीं, गवाह के तौर पर अदालत में पेश न होने पर थाना प्रभारी हरजीत सिंह को 15 हजार रुपये के जमानती वारंट के साथ दोबारा अदालत में तलब किया गया है और निर्धारित तिथि के लिए इतनी ही राशि का जमानती पत्र भी जारी किया गया है।अदालत ने तत्कालीन एसएचओ भगवंत सिंह को निर्धारित तिथि के लिए समन जारी किया है।
खरड़ के एक हिंदू नेता ने सिटी थाने की पुलिस को बताया था कि उन्हें खालिस्तान समर्थक आतंकवादी और गैंगस्टर सुखप्रीत बुड्ढा ने फोन पर जान से मारने की धमकी दी थी। इसके अलावा नकली नंबर प्लेट वाली एक गाड़ी से उनका रास्ता रोककर हमला करने की भी कोशिश की गई थी।गाड़ी पर लगी नंबर प्लेट मोटरसाइकिल की निकली थी जिसमें 4 लोग बैठे थे।
शिकायत में कहा गया है कि उसने सोशल मीडिया के जरिये पंजाब के गैंगस्टरों को पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने की सलाह दी थी और कहा था कि पुलिस उनके साथ गैंगस्टर विक्की गौंडर जैसा सलूक करेगी। उसकी इसी पोस्ट से सुखप्रीत बुड्ढा भड़क गया और उसे फोन करके बम से उड़ाने की धमकी दी जिसे उसने दूसरे फोन से रिकॉर्ड कर लिया।
कॉल करने वालों ने उसे जान से मारने की धमकी भरे कई मैसेज भी भेजे और उसे विदेशी नंबरों से भी कई धमकी भरे कॉल आए। इनमें उसे और उसके परिवार को जान से मारने की भी धमकी दी गई। पुलिस ने गैंगस्टर सुखप्रीत बुड्ढा के खिलाफ हत्या के प्रयास और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था।