जीरकपुर। जैसे-जैसे गणेश चतुर्थी का त्योहार नजदीक आ रहा है, लोगों में उत्सुकता बढ़ती जा रही है। यह पर्व 27 अगस्त से शुरू होकर 6 सितंबर तक चलेगा। 27 अगस्त को गणेश जी को विराजमान किया जाएगा। 6 सितंबर को गणेश विसर्जन का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। राजस्थान के मूर्तिकार फूलचंद मूर्तियों को अंतिम रूप देने में लगे हैं। उनके अनुसार ट्राईसिटी की सबसे छोटी और बड़ी मूर्ति हर वर्ष तैयार करते हैं। सबसे छोटी मूर्ति का आकार 12 इंच जबकि सबसे बड़ी मूर्ति का आकार 10 फीट का होता है। मूर्तिकार फूलचंद जो जीरकपुर में 35 वर्ष से गणेश जी की मूर्तियां बनाते हैं, उनका मानना है कि उनके पास क्षेत्र में सबसे कम दाम वाली मूर्ति से लेकर सबसे अधिक दाम वाली मूर्ति तैयार की जाती है। उन्होंने बताया कि पर्यावरण को ध्यान में रखकर मूर्तियां को मिट्टी से बनाया जाता है। उनके ऊपर जो रंगों का प्रयोग किया जाता है, वह भी कच्चे रंग के ही होते हैं, इस कारण प्रदूषण नहीं फैलता है। मूर्तिकार फूलचंद का कहना है कि मूर्तियां बनाने के लिए वह करीब छह माह पहले ही जीरकपुर आ जाते हैं। यहां आकर मूर्तियां बनाने का काम शुरू कर देते हैं। उनके साथ राजस्थान और महाराष्ट्र के कारीगर भी आते हैं।