जिले में गर्भवती महिलाओं व छोटी उम्र के लड़कियों को पौष्टिक आहार देने के लिए सप्लीमेंट्री न्यूट्रेशन प्रोग्राम बनाया गया है। इसके तहत अब तक पांच करोड़ 51 लाख 61 हजार 808 रुपये खर्च किए गए हैं। यह जानकारी जिले के डीसी डीएस मांगट ने दी।
उन्होंने बताया कि जिले में कुछ 614 आंगनबाड़ी केंद्र काम कर रहे हैं। इनमें 614 आंगनबाड़ी वर्कर तैनात हैं। वहीं, 22 सुपरवाइजर ड्यूटी निभा रहे हैं। वहीं, जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में छह महीने से छह वर्ष के 29331 बच्चे दाखिल हुए हैं।
वहीं, तीन से छह साल तक के बच्चों को छह रुपये रोजाना प्रति बच्चे के हिसाब से नर्सिंग व गर्भवती महिलाओं को सात रुपये, कुपोषित बच्चों के लिए नौ रुपये प्रति बच्चा पौष्टिक आहार मुहैया करवाया जा रहा है। इस दौरान उक्त लोगों को दलिया, पंजीरी, मीठे चावल दिए जाते हैं।
उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों में महिलाओं का रजिस्ट्रेशन किया जाता है। वहीं, 300 दिन के लिए फीड भी दी जाती है। उन्होंने बताया कि जिले में राष्ट्रीय बाल सुरक्षा कल्याण स्कीम के तहत जिले के स्कूलों को बच्चों का मेडिकल चेकअप किया जा रहा है। वहीं, छह मोबाइल टीमें बनाई गईं हैं। जो कि बच्चों को सेहत सेवाएं मुहैया करवाई जा रही है।