मोहाली/जीरकपुर। बिजली की किल्लत और परेशानी से जूझ रहे लोगों को अभी राहत नहीं मिलने वाली है। क्योंकि, पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड में काम करने वाले कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल को पांच दिन और बढ़ा दिया है। हालात यह है कि जिले के सभी निवासी बिजली की समस्याओं से जूझ रहे हैं। अब कई जगह पर पानी की किल्लत भी होने लगी है।
पॉवरकाम विभाग के कच्चे व पक्के कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर तीन दिन की हड़ताल पर चल रहे थे। लेकिन, अपनी मांगों का हल ना होता देख वीरवार को उन्होंने अपनी हड़ताल को 5 दिन के लिए और बढ़ा दिया है। अब यह हड़ताल 17 सितंबर चलेगी। कर्मचारियों के हड़ताल पर होने के चलते शहर के जीरकपुर व आसपास के लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। बलटाना, ढकोली, पीरमुछल्ला, एरो सिटी के इलावा बनुड व आसपास के क्षेत्र में भी लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
एरो सिटी के नजदीक पड़ते कुरड़ी गांव में ट्रांसफॉर्मर की डिस्क फट गई थी। जिसे गांव के लोगों ने खुद खतरा उठाते हुए ठीक किया। गांव के लोगों ने बताया कि इस दौरान एक सरकारी कर्मचारी वहां आया था। उसका कहना था कि ड्यूटी के दौरान कभी काम नहीं किया जिस कारण उसे काम करना आता ही नहीं। इसी तरह शहर की सोसायटियों में भी लोगों को बिजली सबंधी भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
हड़ताल के सबंध में जीरकपुर इकाई के कच्चे कर्मचारी यूनियन के प्रधान एकम सिंह ने बताया की पहले हमने लोकल स्तर पर हड़ताल की हुई थी। लेकिन वीरवार से पूरे पंजाब के कच्चे मुलाजिमों ने हड़ताल शुरू कर दी है। जिसकी अगुवाई पंजाब प्रधान बलिहार सिंह कटारिया कर रहे हैं। अपनी मांगों को लेकर सभी कर्मचारी इकट्ठा होकर 17 तारीख को खरड़ में बड़े स्तर पर धरना देंगे। जब तक उनकी मांगें सरकार की ओर से पूरी नहीं की जाती, तब तक वे हड़ताल पर ही रहेंगे।
उन्होंने बताया कि 70 मांगें कच्चे कर्मचारियों और 10 मांगें पक्के कर्मचारियों की हैं। जिसे एक दिन में हल करना मुख्यमंत्री के हाथ में भी नहीं है। हालांकि पूरे पंजाब में हड़ताल होने की घोषणा के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान की ओर से संगठन के नेताओं के साथ मीटिंग की जा रही है। पहले भी कई बार उन्हें झूठा दिलासा देकर काम पर लगा दिया जाता रहा है। इस बार हम लोग सरकार और मंत्रियों के झूठ में नहीं फंसेंगे। इस बार वह पक्के इरादे से हड़ताल पर बैठे हैं।
एकम सिंह ने बताया कि भारतीय किसान यूनियन चढूनी ग्रुप ने भी उन्हें समर्थन दे दिया है। किसानों ने पंजाब सरकार को चेतावनी दी है कि यदि पावरकॉम विभाग के कर्मचारियों की मांगें जल्द न मानी गईं तो वह उनके साथ मिलकर एक बड़ा संघर्ष शुरू कर देंगे।