डेराबस्सी नगर परिषद में शामिल हुए गांव धनोनी के लोग नगर परिषद की लापरवाही के चलते दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। स्वास्थ्य विभाग ने गांव के एक ट्यूबवेल के पानी के सैंपल फेल होने के कारण तुरंत सप्लाई बंद करने की हिदायत दी है। लेकिन, स्वास्थ्य विभाग की हिदायत की अनदेखी करते हुए नगर परिषद पानी की सप्लाई कर रही है। इस कारण गांव में बीमारी फैलने का खतरा पैदा हो गया है। नगर परिषद के अधिकारियों से बार-बार मांग करने पर भी समस्या का हल नहीं किया जा रहा है। इससे नाराज ग्रमीणों ने वीरवार को कांग्रेसी नेता कुलजीत सिंह रंधावा के नेतृत्व में नगर परिषद के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया है।
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि मोहाली के सिविल सर्जन ने 5 मई को पत्र जारी करके बताया था कि स्टेट पब्लिक हेल्थ लेबोरेट्री, पंजाब के पत्र के अनुसार वाटर वर्क्स धनोनी के नलकूप नंबर 3 के जो सैंपल 28 जनवरी को लिए गए थे, वह फेल पाए गए हैं। इस लिए एपिडेमिक डिजीस एक्ट 1897 के सेक्शन 2 के अनुसार जल सप्लाई सेनिटेशन, डेराबस्सी के एक्सीईएन को हिदायत दी गई है कि पानी का इस्तेमाल तब तक न किया जाए, जब तक इस पानी के अगले सैंपल पास घोषित न हो जाएं। इस पत्र की एक कापी मोहाली के डीसी एवं डेराबस्सी के एसएमओ को भेजी गई है।
एक दर्जन लोग हुए बीमार
पंचायत परिषद के प्रधान कुलजीत सिंह रंधावा, कैशियर लाभ सिंह, सुरिंदर सिंह, करनैल सिंह, चरण सिंह, जरनैल सिंह, केसर, हरनेक सिंह, करमचंद, काका सिंह, नसीब सिंह, बलबीर सिंह ने आरोप लगाया कि नगर परिषद की लापरवाही के कारण ग्रामीण दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। पानी का रंग गंदला पर चुका है और उसका स्वाद भी शोरा होता जा रहा है। यह पानी पीने से गांव में करीब एक दर्जन बच्चे और बूढ़े पेट की बीमारियों से ग्रस्त हैं।
क्या कहते हैं अफसर
अस्पताल के एमएमओ डॉ. महिंदर सिंह के अनुसार, उन्हें सैंपल फेल होने की रिपोर्ट अभी नहीं मिली है। सैंपल केवल उन नलकूपों के पानी के लिए जा रहे है, जहां जल संक्रमण बीमारियों फैली हो या फैलने की आशंका हो या फिर कोई पानी के बारे शिकायत करे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिनके जिम्मे नलकूप हैं, वही विभाग उसके वाटर सैंपल की रेगुलर जांच कराने के जिम्मेदार हैं। डेराबस्सी के कार्यकारी अधिकारी राजेश शर्मा को जांच रिपोर्ट व्हाट्स एप कर उन्हें सैंपल फेल होने की जानकारी दी गई। ईओ ने कहा कि शुक्रवार को वह मौके का दौरा कर पानी की दोबारा जांच करेंगे। साथ ही ओवरहेड टैंक की क्लोरीनेशन कारवाई जाएगी। यदि पानी में फिर भी कोई शिकायत हुई तो वह वाटर सप्लाई के अन्य विकल्प यकीनी बनाएंगे।