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Mohali News: विस घेरने निकले कर्मियों और जत्थेबंदियों पर पुलिस ने छोड़ी आंसू गैस, पानी की बौछार की

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मोहाली। पंजाब के विभिन्न विभागों के कर्मचारी और मजदूर जत्थेबंदियां विधानसभा का घेराव के लिए रविवार को मोहाली में एकत्रित हुए। जब प्रदर्शनकारी चंडीगढ़ की ओर कूच करने लगे तो पुलिस ने उन्हें बुड़ैल जेल के पास बैरिकेड्स लगाकर रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बन गई। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछारें कीं और आंसू गैस के गोले छोड़े। इसमें पांच से छह महिलाएं और आठ से दस अन्य प्रदर्शनकारी घायल हो गए।
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इस प्रदर्शन में जीटीयू, गवर्नमेंट टीचर यूनियन, पंजाब सीसीएसएफ, मिड-डे मील वर्कर यूनियन, आंगनबाड़ी वर्कर यूनियन और अस्थायी मुलाजिमों की विभिन्न जत्थेबंदियां शामिल थीं। अलग-अलग विभागों से जुड़े अस्थायी कर्मचारी मोहाली में एकत्रित हुए थे। इनमें करीब 127 आंगनबाड़ी वर्कर और कई विभागों के अस्थायी अध्यापक भी शामिल थे, जो कई साल पहले भर्ती हुए थे। ये लोग अब तक नियमित करने की मांग कर रहे हैं। घटना के दौरान कुछ महिलाएं बेहोश होकर जमीन पर गिर गईं, जिन्हें उनके साथी कर्मचारियों ने पानी पिलाकर संभाला। वहीं, पुलिस ने घायलों को तुरंत एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया। बाद में पुलिस अधिकारियों के आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारियों ने धरना समाप्त किया। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं तो आने वाले समय में संघर्ष तेज किया जाएगा।

प्रदर्शनकारियों ने पहले मोहाली में तीन घंटे तक बैठक की। उसके बाद एकजुट होकर चंडीगढ़ की ओर विधानसभा का घेराव करने के लिए रवाना हुए। कर्मचारियों का आरोप है कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने चुनाव से पहले वादा किया था कि कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाएगा और किसी को भी अस्थायी स्थिति में नहीं रखा जाएगा। लेकिन सरकार के चार साल पूरे होने के बाद भी उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं। आनंदपुर साहिब से आए बीर सिंह, जो पेंशन बहाल जत्थेबंदी की ओर से प्रदर्शन में शामिल हुए थे, ने कहा कि चार वर्षों से पंजाब सरकार उनकी मांगों को अनदेखा कर रही है। उन्होंने बताया कि सभी जत्थेबंदियां शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रही थीं, लेकिन प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए उन पर पानी की बौछारें कर दीं और आंसू गैस के गोले दागे।
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