मोहाली। लॉरेंस बिश्नोई को पुलिस हिरासत से भगाने के मामले की सुनवाई सोमवार को मोहाली कोर्ट में हुई। इस मामले में नामजद काली शूटर को मोहाली अदालत में पेश करना था लेकिन सिक्योरिटी का हवाला देकर काली शूटर को कोर्ट में पेश नहीं किया गया। काली शूटर के वकील कर्ण सौफत ने बताया कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से काली शूटर की पेशी हुई है। इस मामले में अदालत ने एसएसपी मोहाली को निर्देश दिए हैं कि 23 नवंबर को काली शूटर को हर हाल में कोर्ट में पेश किया जाए। उन्होंने कहा कि यह केस बहुत पुराना है और इसके ऑर्डर होने वाले हैं। इसे जल्द खत्म किया जाए। इस मामले में अब काली शूटर को 23 नवंबर को कोर्ट में पेश किया जाएगा और उसी दिन फैसला भी सुनाया जाएगा।
यह है मामला
लॉरेंस बिश्नोई रोपड़ जेल में बंद था। 17 जनवरी 2015 को उसे अबोहर अदालत में पेश करने के लिए पुलिस ले जा रही थी। रास्ते में गांव माणकपुर के पास एक ढाबे पर पुलिस खाने के लिए रुकी। इस दौरान एक गाड़ी में कुछ आदमी आए और लॉरेंस को भगाकर ले गए। इस मामले में तब चार पुलिसकर्मियों पर भी गाज गिरी थी। काली शूटर का नाम भी इसमें आया था।