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Mohali News: व्हाट्सएप पर जाली आरटीजीएस भेज पीएनबी को लगाया 55 लाख का चूना

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खुद को जे ईईएल हाउसिंग एलएलपी का निदेशक बताकर बैंक प्रबंधक को भेजा जाली पत्र
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संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। साइबर ठगों ने पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की एक शाखा से फर्जी आरटीजीएस अनुरोध पत्र के जरिये 55 लाख रुपये उड़ा लिए। ठगों ने खुद को जे ईईएल हाउसिंग एलएलपी का निदेशक बताकर बैंक प्रबंधक को व्हाट्सएप पर जाली पत्र भेजा था। यह घटना मोहाली के सेक्टर-82 के पीएनबी की चिल्ला शाखा में हुई। बैंक अधिकारियों को तीसरी बार 25 लाख रुपये ट्रांसफर करने के अनुरोध पर संदेह हुआ, जिसके बाद पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। पुलिस को दिए बयान के अनुसार, 21 नवंबर को शाखा प्रबंधक छुट्टी पर थे। उनकी जगह अतिरिक्त प्रबंधक सुबेद श्रीवास्तव काम देख रहे थे। इसी दौरान उन्हें एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को जे ईईएल हाउसिंग एलएलपी का निदेशक बताया। उसने कंपनी की चेकबुक खत्म होने और जरूरी भुगतान के लिए रकम ट्रांसफर करने की बात कही। आरोपी ने व्हाट्सएप पर कंपनी का एक अधिकृत पत्र भेजने की बात कही। कुछ देर बाद व्हाट्सएप पर कंपनी के नाम से एक जाली पत्र आया। इसमें दो खातों में रकम ट्रांसफर करने के निर्देश दिए गए थे।
दो बार में 55 लाख रुपये हुए ट्रांसफर
फर्जी पत्र के आधार पर बैंक कर्मचारियों ने पहले 14 लाख रुपये पीएनबी के एक खाते में भेजे। नौ लाख रुपये एयू बैंक के खाते में ट्रांसफर किए गए। इसके कुछ ही मिनटों बाद उसी मोबाइल नंबर से दूसरा फर्जी पत्र आया। इस बार 24.50 लाख रुपये इंडियन ओवरसीज बैंक और 7.50 लाख रुपये आईसीआईसीआई बैंक के खातों में भेजने के निर्देश थे। बैंक कर्मचारियों ने इन निर्देशों का भी पालन किया। इस तरह ठगों ने कुल 55 लाख रुपये चार अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवा लिए।
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तीसरे अनुरोध पर खुला राज
ठगों ने 55 लाख रुपये निकालने के बाद 25 लाख रुपये और ट्रांसफर करने का पत्र भेजा। इसी दौरान डिप्टी मैनेजर तजिंदर कौर को संदेह हुआ। उन्होंने जे ईईएल हाउसिंग एलएलपी के मुख्य वित्त अधिकारी से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फोन नहीं उठा। इसके बाद वह कंपनी के कार्यालय पहुंची। वहां अकाउंटेंट ने व्हाट्सएप पर रकम ट्रांसफर के लिए कोई पत्र भेजने से साफ इन्कार कर दिया। अकाउंटेंट ने बताया कि हिमाचल के एक पीएनबी बैंक में भी ऐसा ही फर्जी पत्र भेजा जा चुका है।
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फर्जीवाड़े का पता चलते ही हरकत में आई पुलिस
फर्जीवाड़े का पता चलते ही बैंक ने अपने सर्कल कार्यालय और आरटीजीएस सेल को सूचना दी। साइबर क्राइम पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4), 61(2) और आईटी एक्ट की धारा 66 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच अधिकारी इंस्पेक्टर जगजीत सिंह नागपाल ने बताया कि पुलिस उन चार बैंक खातों की जांच कर रही है जिनमें रकम ट्रांसफर हुई। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि कंपनी की अंदरूनी जानकारी ठगों तक कैसे पहुंची और यह रकम आगे किन खातों में गई।
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