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Mohali News: छह साल बाद भी पार्क और लाइब्रेरी की योजना अधूरी

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जीरकपुर। पीरमुछल्ला में नगर परिषद की ओर से प्रस्तावित म्यूनिसिपल पार्क और सार्वजनिक लाइब्रेरी की परियोजना वर्षों बाद भी धरातल पर नहीं उतर सकी है। करीब छह वर्ष पहले शुरू हुई योजना अब भी फाइलों तक सीमित है, जिससे क्षेत्र के लोगों में नाराजगी है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पढ़ाई, मनोरंजन और खुले स्थान की सुविधाओं के अभाव में उन्हें पंचकूला, चंडीगढ़ और मोहाली का रुख करना पड़ता है।
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करीब 15 वर्ष पहले पीरमुछल्ला को नगर परिषद की सीमा में शामिल किया गया था। इसके बाद क्षेत्र में तेजी से आवासीय कॉलोनियों और सोसायटियों का विकास हुआ। वर्तमान में दो दर्जन से अधिक आवासीय परियोजनाओं में हजारों लोग रह रहे हैं, लेकिन आबादी के अनुरूप सार्वजनिक सुविधाओं का विकास नहीं हो सका। जीरकपुर शहर से दूरी होने के कारण यहां के लोगों को स्थानीय स्तर पर पार्क और लाइब्रेरी जैसी सुविधाओं की कमी अधिक महसूस होती है।
स्थानीय लोगों की मांग पर वर्ष 2021 में प्रशासन ने करीब नौ एकड़ सरकारी भूमि पर मल्टीलेवल स्पोर्ट्स स्टेडियम, आधुनिक लाइब्रेरी और अन्य सार्वजनिक सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव तैयार कर राज्य सरकार को भेजा था। हालांकि, इसके बाद प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर हुए बदलावों के कारण परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी। वर्ष 2024 में नगर परिषद के प्रशासनिक बदलाव के बाद भी योजना पर कोई प्रगति नहीं हुई। अब क्षेत्रवासी परियोजना को शीघ्र शुरू करने की मांग कर रहे हैं।
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पीरमुछल्ला की बढ़ती आबादी को देखते हुए यहां सार्वजनिक लाइब्रेरी की जरूरत है। फिलहाल लोगों को पढ़ाई और अन्य सुविधाओं के लिए दूसरे शहरों पर निर्भर रहना पड़ता है। नौकरी से लौटने के बाद अधिकांश लोग दूर नहीं जा पाते, इसलिए स्थानीय स्तर पर लाइब्रेरी बनाई जानी चाहिए।— अंकुश उप्पल, निवासी पीरमुछल्ला
प्रशासन ने वर्षों पहले पार्क निर्माण की परियोजना शुरू की थी, लेकिन आज तक इसे पूरा नहीं किया गया। स्थानीय लोगों की जरूरतों को देखते हुए अधूरी परियोजनाओं को जल्द पूरा किया जाना चाहिए।— एकता नागपाल, निवासी पीरमुछल्ला
पीरमुछल्ला में इन परियोजनाओं के लिए चिन्हित भूमि को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद राज्य सरकार ने स्ट्रीट वेंडिंग जोन में बदलने का निर्णय लिया था। हालांकि स्थानीय लोगों के विरोध के कारण यह प्रस्ताव फिलहाल लंबित है।— परविंदर सिंह भट्टी, कार्यकारी अधिकारी, जीरकपुर नगर परिषद
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