मोहाली। मेयर के चुनाव से पहले निकाय चुनावों में धांधली का आरोप लगाया गया है। यह आरोप वार्ड 10 से चुनाव हार चुके परमजीत सिंह काहलों ने लगाया है। उन्होंने याचिका दायर कर पोलिंग स्टाफ पर सत्ता पक्ष की मदद करने व फर्जी वोटिंग का आरोप लगाया है। एसडीएम से वार्ड 10 का चुनाव रद्द कर दोबारा कराने की मांग की गई है।
निगम चुनावों में वार्ड 10 से हार का सामना करने वाले उम्मीदवार परमजीत सिंह काहलों ने मोहाली एसडीएम के पास एक चुनावी याचिका दायर की है। इसमें वार्ड 10 के चुनावों के दौरान पोलिंग स्टाफ पर सत्ता पक्ष की मदद करने, फर्जी वोटिंग करवाने व मतदान में धांधली के आरोप लगाए हैं। याचिका में बूथ नंबर 32 के प्रिजाइडिंग ऑफिसर तरलोचन सिंह को भी पार्टी बनाया गया है। वार्ड 10 से सेहत मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू के भाई अमरजीत सिंह जीती सिद्धू ने परमजीत सिंह काहलों को हराकर चुनाव जीता है। अमरजीत सिद्धू मेयर पद के प्रबल दावेदार हैं। 14 फरवरी को मतदान के दौरान वार्ड 10 के पोलिंग स्टेशन पर काफी हंगामा भी हुआ था। काहलों ने उनके पोलिंग एजेंट को जबरन बाहर निकालने व फर्जी वोटिंग के आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग से शिकायत भी की थी। इसके चलते इस वार्ड के दो बूथों पर 17 फरवरी को पुनर्मतदान करवाया गया था।
काहलों ने कहा कि निगम चुनाव के दौरान सत्ता पक्ष द्वारा नियमों को ताक पर लोकतंत्र को तार तार किया गया है। काहलों का आरोप है कि पोलिंग स्टाफ को प्रभाव में लेकर धांधली की गई। काहलों का आरोप है कि चुनाव के दौरान मृतकों की वोट भी फर्जी तरीके से डाली गई। विदेशों में रहने वाले लोगों की जाली वोट डलवाई गईं। काहलों ने दावा किया कि मोहाली के डीसी की रिपोर्ट में भी धांधली की पुष्टि हुई है।