मोहाली। डिप्टी कमिश्नर-कम-जिला चुनाव अधिकारी आशिका जैन ने रविवार को लोकसभा चुनाव के मद्देनजर चुनाव कार्यक्रम और आचार संहिता के बारे में जानकारी देने के लिए जिला प्रशासनिक परिसर में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को चुनाव प्रचार के लिए रैली, नुक्कड़ नाटक और लाउड स्पीकर से प्रचार करने के लिए प्रशासन से अनुमति लेनी होगी। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों की आलोचना उनकी नीतियों और कार्यक्रमों, रिकॉर्ड और काम तक ही सीमित होनी चाहिए। व्यक्तिगत जीवन के सभी पहलुओं की आलोचना से बचना चाहिए। ऐसी किसी भी गतिविधि की अनुमति नहीं दी जाएगी, जो मौजूदा मतभेदों को बढ़ाती हो, आपसी नफरत पैदा करती हो या जाति और समुदाय, धार्मिक या भाषाई आधार पर तनाव पैदा करती हो।
ऐसी गतिविधियां जैसे वोट हासिल करने के लिए जाति और सांप्रदायिक भावनाओं का उपयोग करना, असत्यापित रिपोर्टों के आधार पर उम्मीदवारों की आलोचना करना, मतदाताओं को लालच देना या डराना, लोगों के विचारों का विरोध करने के लिए उनके घरों के बाहर प्रदर्शन करना या धरना देना और किसी अन्य राजनीतिक दल द्वारा आयोजित सार्वजनिक बैठकों को बाधित करना प्रतिबंधित है।नामांकन प्रक्रिया सात मई होगी शुरू
उन्होंने कहा कि पंजाब के संसदीय क्षेत्रों के लिए नामांकन की प्रक्रिया सात मई (मंगलवार) से शुरू होगी। नामांकन की अंतिम तिथि 14 मई निर्धारित है। नामांकन की जांच 15 मई को होगी। उम्मीदवार 17 मई तक अपना नामांकन वापस ले सकते हैं। पंजाब राज्य में मतदान का दिन 1 जून 2024 (शनिवार) निर्धारित किया है। जिसके बाद पंजाब सहित पूरे देश में वोटों की गिनती 4 जून को की जाएगी। चयन प्रक्रिया पूरी करने की अंतिम तिथि 6 जून 2024 है।
निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करना जरूरी
जैन ने कहा कि चूंकि चुनाव संहिता लागू हो गई है, इसलिए हमें स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए भारत चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए। उन्होंने विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को लोकसभा चुनाव-2024 के दौरान उपयोग की जाने वाली वस्तुओं के लिए मुख्य चुनाव अधिकारी, पंजाब द्वारा निर्धारित विभिन्न दरें भी सौंपी और उन्हें चुनाव के दौरान राजनीतिक दलों द्वारा किए गए खर्चों की जानकारी दी। समता और पारदर्शिता के लिए यह सूची जारी की जाती है।
सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से भी अपील की गयी कि वे एवं उनके प्रत्याशियों द्वारा किया जाने वाला व्यय भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही किया जाए। बैठक के दौरान सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से किसी भी धार्मिक स्थल का उपयोग चुनाव प्रचार के लिए नहीं करने की अपील की गई। आचार संहिता, राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के मार्गदर्शन के लिए क्या करें और क्या न करें, आदर्श आचार संहिता-निर्देश-चुनाव अभियान की एक-एक प्रति भी प्रदान की गई। सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से चुनाव आयोग द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया गया।