शहर में प्रॉपर्टी टैक्स का विरोध शुरू हो गया है। मंगलवार को 34 एसोसिएशनों की सामूहिक जत्थेबंदी ‘सिटीजन वेलफेयर एंड डेवलपमेंट फोरम’ की कोर कमेटी की मीटिंग हुई।
मीटिंग की प्रधानगी सतबीर सिंह धनोआ ने की। मीटिंग में सभी ने सरकार के प्रॉपर्टी टैक्स लगाने संबंधी नोटिफिकेशन का विरोध किया।
मेंबरों ने कहा कि सरकार मोहाली शहर की जरूरतों और स्थितियों को समझे बिना अन्य शहरों की तरह यहां भी प्रॉपर्टी टैक्स लगा रही है। शहर को बसाते समय प्लॉटों की कीमतों में शहर को विकसित करने के सारे खर्चे पहले ही वसूल लिए गए थे। अभी तक उन खर्चों के हिसाब से शहर का विकास नहीं हुआ है।
कमेटी मेंबरों ने कहा कि अभी तक शहर में नगर निगम के चुनाव नहीं हुए हैं। शहर में लोगों के अपने नुमाइंदे नहीं है। लोग पूरी तरह अफसरों पर निर्भर हैं जो पूरी तरह गलत है।
उन्होंने कहा कि मोहाली को चंडीगढ़ की तर्ज पर बसाया गया है। इसका प्रमाण यहां के सेक्टरों के नाम हैं। अगर यहां प्रॉपर्टी टैक्स लगाना है तो सभी व्यवस्थाएं चंडीगढ़ की तर्ज पर होनी चाहिए।
मीटिंग में तय किया गया कि शहर की अन्य 21 जत्थेबंदियों से दोबारा तालमेल कर प्रॉपर्टी टैक्स के खिलाफ संघर्ष तेज किया जाएगा। अब 4 अक्तूबर को एक मीटिंग बुलाई गई है।
इसमें तालमेल कमेटी गठित कर संघर्ष की रूपरेखा तय की जाएगी। मीटिंग में एचएस मंड, पीएस विरदी, जरनैल क्रांति, एचएस जटाना, करम सिंह धनोआ, गुरप्रकाश सिंह मान, पीपीएस आजाद आदि मौजूद थे।