फैक्टरी के बाहर प्रदर्शन करते सोसाइटियों के पदाधिकारी। -संवाद
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जीरकपुर। सिंघपुरा चौक से नगला रोड पर स्थित बाजीगर बस्ती के नजदीक रिहाइशी क्षेत्र में स्थापित फैक्टरी द्वारा आसपास के क्षेत्र में फैल रहे प्रदूषण से स्थानीय लोग परेशान हैं। शुक्रवार को कई सोसाइटियों के निवासियों ने फैक्टरी के आगे शांतमयी ढंग से प्रदर्शन करते हुए फैक्टरी को बंद करने की मांग उठाई।
ज्वाइंट एक्शन कमेटी के प्रधान सुखदेव चौधरी, एसके धीमान, इस्कॉन एरीना के एसके वधावन, मोतिया रॉयल सिटी के प्रधान प्रितपाल सिंह, आशीष द्विवेदी, मीना अरोड़ा, एरो होमज के प्रधान अशोक कुमार गर्ग, माया गार्डन सिटी के जीबी पांडे, मिनकी संधू, मोतिया सिटी के प्रधान राम सुंदर, एसएन सिंह और अन्य सोसाइटियों के निवासियों ने बताया कि गांव नगला में पड़ती उनकी सोसाइटियों के नजदीक फैक्टरी में पशुओं चर्बी और हड्डियों को पीसकर उत्पाद बनाया जाता है। इससे बदबूदार गैस निकलती है और हड्डियों को धोते समय जहरीला पानी निकलता है। अजय जेलेटिन फैक्टरी प्रदूषण विभाग की मिलीभगत से लंबे समय से चल रही है। यह फैक्टरी प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के नियमों को ताक पर रखकर चलाई जा रही है।
पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड की सिफारिश से इस फैक्टरी का बिजली का कनेक्शन भी काटा गया था जो फैक्टरी मालिक ने अपनी रुतबे के जोर पर दोबारा जुड़वा लिया।
लोगों का आरोप है कि यह फैक्टरी बिना किसी मंजूरी के 1990 से चल रही है। पंजाब पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड लुधियाना ने इस फैक्टरी को अपना वेस्ट ट्रीटेड पानी छोड़ने के लिए कम से कम 6 एकड़ जमीन का बंदोबस्त करने के लिए कहा था और 1000 पौधे लगाना जरूरी था। पीपीसीबी को पूरी जानकारी होने के बावजूद कोई भी करवाई नहीं की जा रही है। इसके अलावा एसटीपी में पानी साफ किए बिना जहरीले पदार्थ खुली जमीन में फेंके जा रहे है और गंदा पानी सुखना चो के रास्ते घग्गर नदी में छोड़ा जा रहा है। सुखना चो के पानी का इस्तेमाल स्थानीय लोग अपनी फसलों और जानवरों के पिलाने के लिए करते हैं। फैक्टरी द्वारा फैलाए जा रहे प्रदूषण संबंधी कई बार फैक्टरी के मालिकों से बात की जा चुकी है लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया।