खरड़। खरड़ शहर की आबादी करीब पांच लाख पहुंच चुकी है, इसके साथ ही समस्याएं भी बढ़ती जा रहीं हैं। मास्टर प्लान की अनदेखी की वजह से शहर की व्यवस्थाएं बिगड़ गई हैं। वर्तमान में लोग पेयजल, यातायात, सीवर, टूटी सड़कों और अन्य समस्याओं से जूझ रहे हैं। शहर के विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने शनिवार को अमर उजाला के संवाद कार्यक्रम में इस समस्याओं पर चर्चा की। रेस्ट हाउस में आयोजित संवाद कार्यक्रम में शहर के कई आरडब्ल्यूए, केमिस्ट एसोसिएशन, व्यापार मंडल और समाजसेवी संस्थाओं के अलावा अलग-अलग वार्डों के पार्षदों ने भी शिरकत की।
संगठनों के पदाधिकारियों का कहना था कि शहर की आबादी बढ़ती जा रही है। नगर परिषद के अफसरों की लापरवाही और मास्टर प्लान की अनदेखी की वजह से शहर अनप्लांड बस गया है। वर्तमान में लोग पीने के पानी से लेकर ट्रैफिक और सीवर तक की समस्याओं का सामना कर रहे हैं। 15 वर्षों से शहर को कजौली से पानी दिलवाने की मांग की जा रही है, लेकिन यह मांग अभी तक पूरी नहीं हो सकी है। शहर में मेगा हाउसिंग प्रोजेक्ट्स तेजी से बसाए, मगर इनमें मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है।
कॉलोनियों में सड़कों की हालत खराब है। सीवर व्यवस्था चरमराई हुई है। फ्लाईओवर बनने के बावजूद लोकल ट्रैफिक जाम की समस्या बनी है। यहां पर रिंग रोड की जरूरत है ताकि दो मुख्य हाईवे का ट्रैफिक निकल सके। मुख्य बाजारों और स्कूलों के पास जाम लगना आम बात हो गई है। व्यापार मंडल और आरडब्ल्यूए ने अफसरों पर आरोप लगाकर कहा कि विकास के नाम पर केवल खानापूर्ति हो रही है।
सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और बस स्टैंड की है दरकार
खरड़ शहर की आबादी के अनुसार आज भी यहां न तो सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट है, न ही कोई बस स्टैंड। सबसे बड़े हाउसिंग प्रोजेक्ट्स में शुमार सन्नी एनक्लेव तीन सेक्टरों में फैला हुआ है। लोग आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। यहां रहने वाले लोगों को सीवरेज, पानी, सड़कें और पार्क जैसी मूलभूत सुविधाएं तक नहीं मिली हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि नियमों के मुताबिक किसी भी हाउसिंग प्रोजेक्ट को डेवलपमेंट के सात साल बाद नगर परिषद को हैंडओवर कर देना होता है, लेकिन यह प्रक्रिया जानबूझकर लटका दी गई है। नगर परिषद के कुछ अफसर जानबूझकर हैंडओवर की प्रक्रिया को टाल रहे हैं।
सन्नी एनक्लेव में नालियों की सफाई नहीं होती है। सड़कों पर गड्ढे हैं। बरसात में जलभराव की समस्या विकराल रूप ले लेती है। पार्कों की हालत खस्ता है। बच्चों के खेलने के लिए सुरक्षित स्थान नहीं है। नगर परिषद तत्काल सन्नी एनक्लेव को टेकओवर करे और विकास की दिशा में कदम उठाए, ताकि यहां के लोगों को सुविधाएं मिल सके।
लोगों ने इन मांगों को उठाया
- सरकारी अस्पताल में स्टाफ की कमी दूर की जाए ताकि मरीजों को सुविधा मिले और मोहाली-चंडीगढ़ रेफर न करना पड़े
- खरड़ लांडरां रोड पर ड्रेनेज लाइन की कई साल से सफाई नहीं हुई है। बारिश से पहले उसकी मरम्मत कराई जाए।
- रिहायशी इलाके दर्पण सिटी के पास डंपिंग ग्राउंड सबसे बड़ी समस्या है। इसे वहां से हटाकर शहर के बाहर ले जाया जाए।
- खरड़ शहर की सड़कों की हालत खस्ता है, पुराने शहर की मार्केट में पार्किंग नहीं है। इसे पहल के आधार पर किया जाए।
- शहर की सड़कों और मार्केटों में रेहड़ी-फड़ी के अलावा दुकानदारों ने कब्जे कर रखे हैं जिसे हटाया जाए।
- बस स्टैंड से सरकारी अस्पताल जाने वाली सड़क को चौड़ा करने का टेंडर अब तक अलॉट नहीं हुआ है। इसे शुरू किया जाए।
- नगर परिषद अलग-अलग क्षेत्रों में ट्यूबवेल लगाकर रुपये बर्बाद कर रही है। कजौली वाटर वर्क्स से पानी लेना चाहिए।
- मेगा हाउसिंग सोसाइटियों में लोग पानी, सीवर और सड़कों की समस्या से परेशान हैं। गंदा पानी सबसे बड़ी समस्या है।
- न्यू सन्नी एनक्लेव को नगर परिषद में शामिल किया जाए क्योंकि बिल्डर प्लॉट, फ्लैट बेचने के बाद अब लोगों की सुनवाई नहीं कर रहे हैं।
- आवारा कुत्तों और पशुओं की समस्या जस की तस है। कूड़े के ढेर पर गाय और कुत्ते मंडराते रहते हैं।
- ओल्ड सन्नी एनक्लेव के शांति कुंज पार्क को 65 लाख रुपये से सौदर्यीकरण का काम होना था जो 20 प्रतिशत ही हो सका है।
यह लोग हुए शामिल
व्यापार मंडल के प्रधान अशोक शर्मा, केमिस्ट एसोसिएशन से अनिल आनंद, न्यू सन्नी एनक्लेव आरडब्ल्यूए से पवितर पाल सिंह बराड़, राम कृष्ण कटारिया, ओल्ड सन्नी एनक्लेव की आरडब्ल्यूए के प्रधान रजिंदर सिंह बब्बू, महासचिव अशोक कपूर, रोटरी क्लब से हरप्रीत सिंह, समाज सेवी पंकज चढ्ढा, जनहित विकास मंच के प्रधान रणजीत सिंह हंस, महासचिव बृज मोहन शर्मा, हरनाम सिंह, हरमेल सिंह, रजिंदर सिंह सोहल के अलावा पार्षद रजिंदर सिंह नंबरदार, राजवीर राजी, बिटटू जैन, गोबिंदर सिंह चीमा व मनप्रीत सिंह मन्ना शामिल हुए।