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Mohali News: मरीज का आरोप - डाॅक्टर ने सामान उठाकर जाने को कहा

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मोहाली। फेज-6 स्थित सिविल अस्पताल में ऑपरेशन के बाद दर्द से कराह रही मरीज रंजीत कौर ने डॉक्टर पर आरोप लगाया कि उन्होंने न तो देखा न ही दवा दी। साथ ही भड़क कर कहा कि अपना सामान उठाओ और यहां से चले जाओ। हालांकि मामले में डाक्टर का कहना है कि उन्होंने मरीज को ऑर्थो वार्ड में शिफ्ट करने को कहा था।
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फतेहगढ़ निवासी रंजीत कौर फिलहाल आईसीयू में है और उनके घुटने का ऑपरेशन हुआ है। रंजीत कौर ने मामले में जिले की सिविल सर्जन डॉ. रेनू को लिखित शिकायत दी है। जिला स्वास्थ्य विभाग ने मामले में संज्ञान ले लिया है और जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया है। गांव परमोर, फतेहगढ़ निवासी रंजीत कौर ने ऑर्थो के डॉक्टर संदीप पर आरोप लगाया है कि उनको कोई दर्द की दवा नहीं दी गई, चार दिन से कोई डॉक्टर देखने भी नहीं आया और इसके बाद डॉक्टर आए और उनके ऊपर भड़क गए और कहा कि अपना सामान उठाओ और यहां से चले जाओ।
रंजीत कौर ने कहा कि वह 16 सितंबर को फेज-6 सिविल अस्पताल में आई थी। उनके दाएं पैर के घुटने को बदलने का ऑपरेशन था। जो 19 सितंबर को डॉ. अनुपम महाजन ने किया था। अगले दिन डॉ. महाजन ने चेक किया। इसके बाद वह मीटिंग के लिए कुछ दिन के लिए छुट्टी पर चले गए। उन्होंने उनका केस किसी दूसरे डॉक्टर को सौंप दिया था।
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इस दौरान 21 सितंबर से 24 सितंबर तक कोई डॉक्टर देखने नहीं आया। रंजीत कौर ने बताया कि वह चार दिन दर्द में तड़पती रहीं, रात में केवल इंटर्न डॉक्टर आते थे और इंजेक्शन देकर चले जाते थे। जब दर्द के लिए दवा मांगते तो साफ मना कर देते कि डॉक्टर ने जितना लिखा है हम उतना ही कर सकते हैं।
मामला सोमवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे का है। जब रंजीत कौर अपनी सास और साथ वाले बेड पर बैठे मरीज के परिजनों के साथ बात करते हुए कह रही थीं कि उनको दर्द हो रहा है और कोई डॉक्टर देखने नहीं आता। यह बात स्टाफ ने सुनी और डॉ. संदीप को बताई। मरीज ने कहा कि इसके बाद डॉक्टर संदीप भड़के हुए आईसीयू में पहुंचे और आकर पूछने लगे कि रंजीत कौर किसका नाम है, इस पर जब मरीज ने कहा कि मैं हूं, तो वह आकर सीधा कहने लगे कि तुमको इलाज नहीं मिल रहा तो अपना सामान उठाकर यहां से चले जाओ।
जब मरीज और उसकी सास ने कहा कि हमें कोई देखने नहीं आ रहा है तो वह उस पर ही भड़कने लगे कि जाओ जहां से इलाज कराना है करवा लो। इस पर वह आईसीयू से निकल गए और अपनी फरियाद लेकर सीधा डीसी ऑफिस और एसएसपी ऑफिस पहुंच गए। वहां उन्हें स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी के पास जाकर शिकायत देने के लिए कहा गया। जब वह फेज-6 स्थित जिला स्वास्थ्य विभाग की सीएमओ डॉ. रेनू के पास पहुंचे तो वहां आश्वासन दिया गया कि उनके साथ कोई बदतमीजी नहीं करेगा और पूर्ण रूप से इलाज मिलेगा। इसके बाद वह फिर आईसीयू में भर्ती हुए।
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