समारोह में नाइपर के कार्यवाहक निदेशक प्रो. पीवी भारतम ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान 18 वैज्ञानिक सत्र और सात व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्र थे। पाठ्यक्रम समन्वयक प्रो. आईपी सिंह ने कार्यक्रम की रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने उल्लेख किया कि इस कार्यक्रम के एक भाग के रूप में प्रतिनिधियों को ग्लेनमार्क लैबोरेटरीज लिमिटेड, बद्दी और पंजाब बायोटेक्नोलॉजी इनक्यूबेटर, मोहाली ले जाया गया। उन्होंने वक्ताओं और प्रतिभागियों को धन्यवाद दिया। सभी प्रतिभागी अपने देश वापस जाने पर नाइपर और भारत के प्रति बहुत अच्छे राजदूत बनें।
इसके अलावा प्रतिभागियों ने इस कार्यक्रम के अपने अनुभव साझा किए और उन्हें इस पाठ्यक्रम में भाग लेने एवं पाठ्यक्रम को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए कार्यवाहक निदेशक प्रो.पीवी भारतम व डीन प्रो. अरविंद बंसल की ओर से प्रमाणपत्र दिए गए। अंत में धन्यवाद ज्ञापन नाइपर के कुलसचिव और विंग कमांडर (सेवानिवृत्त) पीजेपी सिंह वड़ैच ने दिया।