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अस्पताल में दहशत : मरीज, तीमारदार, अस्पताल स्टाफ को जांच के बाद दिया जा रहा प्रवेश

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मोहाली। फोर्टिस अस्पताल में सीएम भगवंत मान के भर्ती होने और अस्पताल को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद पुलिस ने रात को भी सुरक्षा कड़ी कर दी। इस धमकी के बाद अस्पताल में दहशत का माहौल देखने को मिला। सुरक्षा के लिए एजेंसियों के अलावा मोहाली पुलिस के 100 से ज्यादा जवान अस्पताल में तैनात मिले। अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। मरीजों, तीमारदारों और स्टाफ को भी पूछताछ और कड़ी जांच के बाद अंदर जाने दिया जा रहा है। वहीं, देर शाम ड्यूटी बदलकर पहुंचे स्टाफ से भी पहचान पत्र की जांच और पूछताछ के बाद ही प्रवेश दिया गया। कड़े सुरक्षा प्रबंध के चलते मरीजों के परिजनों का कहना था कि बेशक अस्पताल में सर्च ऑपरेशन में कुछ नहीं निकला, लेकिन अस्पताल को बम से उड़ाने की मिली धमकी के बाद उनमें थोड़ा बहुत डर का माहौल है। पंचकूला से अपने पिता का अपेंडिक्स का ऑपरेशन करवाने आए साहिल वर्मा ने कहा कि जब सुबह अस्पताल को बम से उड़ाने की धमकी की खबर सुनी तो उनका परिवार पूरी तरह से डर गया था। उनकी मां आशा वर्मा ने उनके पिता को किसी अन्य प्राइवेट अस्पताल में रेफर करवाने को कहा था लेकिन अस्पताल प्रबंधक व पुलिस ने जब इसे अफवाह बताया तो वह सामान्य हुए लेकिन उससे पहले उनमें डर था। इसी तरह मोहाली के सेक्टर-70 निवासी पुनीत सहगल ने बताया कि आज उनकी पत्नी की डिलिवरी थी। दो दिन पहले ही उन्होंने अपनी पत्नी सोनम सहगल को अस्पताल में भर्ती करवाया था। बम से उड़ाने की जानकारी उन्हें उस समय लगी जब अचानक फोर्टिस अस्पताल में सुरक्षा बढ़ा दी गई और बम स्क्वायड और डॉग की टीम अस्पताल में जांच करने पहुंची, पूछने पर पुलिस ने उन्हें कुछ नहीं बताया लेकिन अस्पताल में मौजूद अन्य लोगों से उन्हें पता चला कि फोर्टिस अस्पताल को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। एकाएक जैसे उनके पैरों तले से जमीन निकल गई क्योंकि वह उस हालात में थे कि पत्नी को किसी दूसरे अस्पताल में रैफर भी नहीं करवा सकते थे लेकिन चैकिंग के बाद सब सामान्य हो गया। करनाल से अपनी मां के घुटनों का ऑपरेशन करवाने आए हरजीत गुज्जर ने बताया कि तीन दिन से उनकी मां फोर्टिस अस्पताल में भर्ती है। उनका घुटनों का ऑपरेशन होना है लेकिन शूगर व बीपी की वजह से देरी हो रही थी। आज वह अस्पताल की रिसेप्शन पर बैठे थे अचानक वहां लगे टीवी पर फोर्टिस अस्पताल को बम से उड़ाने की खबर दिखाई दी। वह तुरंत उठकर बाहर गए तो बाहर पुलिस का पहरा था और स्नीफर डॉग से जांच की जा रही थी। वह अचानक डर गए लेकिन उसी दौरान पुलिस के एक आलाधिकारी को मीडिया को बयान देते सुना जिसमें उन्होंने इसे अफवाह बताया और लोगों से भी अपील की कि वह ऐसी अफवाहों से बचें।
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पुलिस नहीं ले रही रिस्क
एसएसपी हरमनदीप सिंह हंस ने कहा कि धमकी के भरोसेमंद न होने की संभावना के बावजूद पुलिस ने कोई रिस्क नहीं लिया। अस्पताल परिसर और आसपास के एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन में बम डिस्पोजल स्क्वॉड और स्निफर डॉग टीमों को तैनात किया गया था। एसपी सिटी दिलप्रीत सिंह ने कहा कि किसी भी संभावित खतरे से बचने के लिए पूरी तरह से सर्च ऑपरेशन चलाया गया। एसपी दिलप्रीत ने कहा इस बार भी ईमेल बनाने वाला आईपी एड्रेस यूएस का है, जो नकली मेल है और रिकवरी ई-मेल बांग्लादेश से आया है। आज का मेल पिछले ई-मेल का कॉपी पेस्ट मेल है जिसमें फोर्टिस अस्पताल व स्कूलों का जिक्र है। एपी दिलप्रीत ने कहा कि साइबर टीमें भी धमकी भरे मैसेज के सोर्स की जांच कर रही हैं ताकि जिम्मेदार लोगों का पता लगाया जा सके। डीएसपी हरसिमरन सिंह बल ने बताया धमकी भरा मैसेज मिलने से बच्चों के परिजन डर गए थे जिन्हें शांत करवाया। उन्हें जांच के दौरान अफवाहें फैलाने से बचने की अपील की। परिजनों को बताया गया कि सिक्योरिटी एजेंसियां अपना वेरिफिकेशन और सर्च ऑपरेशन जारी रखे हुए हैं। हालांकि, डीएसपी बल ने कहा कि बच्चों के बोर्ड एग्जाम होने की चिंता के कारण कई पेरेंट्स स्कूल पहुंच गए थे, जिससे घबराहट फैल गई, लेकिन पुलिस ने परिजनों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया और उन्हें शांत करवाया।
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