लांडरां /बनूड़। ब्लॉक मोहाली का गांव कुरड़ा इन दिनों काफी चर्चा में है। गांव के पंचायत चुनाव से संबंधित मामलों के संबंध में पूर्व सरपंच दविंदर सिंह दो बार पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटा चुके हैं। सबसे पहले वे गांव में बाहरी लोगों के वोट काटने को लेकर कोर्ट गए।
वह दूसरी बार 15 अक्तूबर को होने वाले पंचायत चुनाव बूथ को संवेदनशील घोषित करने और मतदान व मतगणना की वीडियोग्राफी की मांग को लेकर हाईकोर्ट पहुंचे हैं। इस संबंध में हाईकोर्ट द्वारा दिए गए निर्देश पर प्रशासन अब गांव कुरड़ा के मतदान केंद्र को संवेदनशील घोषित कर यहां अतिरिक्त पुलिस तैनात करने और मतदान व मतगणना प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराने की कवायद शुरू कर दी है। एडीसी (विकास) द्वारा मांगी गई रिपोर्ट पर बीडीपीओ मोहाली ने अपनी टिप्पणी में अतिरिक्त पुलिस की उपस्थिति के संबंध में याचिकाकर्ता के अनुरोध पर सहमति व्यक्त की। वीडियोग्राफी की अनुशंसा की जाती है। एसडीएम मोहाली ने 6 अक्तूबर को अतिरिक्त उपायुक्त-सह-अतिरिक्त जिला चुनाव अधिकारी को इस संबंध में एक पत्र लिखा है। उन्होंने लिखा कि याचिकाकर्ता ने मतदान के दिन मारपीट की आशंका व्यक्त की है। एसडीएम ने मोहाली से संबंधित बूथ पर अतिरिक्त बल तैनात करने और वीडियोग्राफी के लिए आवश्यक बजट जारी करने का अनुरोध किया है। इस पत्र पर आधे दिन का समय चाहिए।
गौरतलब है कि पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस पार्टी के समर्थक पूर्व सरपंच दविंदर सिंह और आम आदमी के समर्थकों के बीच बाहरी वोट पड़े थे। गांव कुरड़ा के पोलिंग बूथ पर पार्टी के ब्लॉक अध्यक्ष मुख्तियार सिंह के बीच दो पक्षों में मारपीट हो गई। पंचायत चुनाव में पंचायत विभाग द्वारा आवश्यक एनओसी नहीं देने के कारण दविंदर सिंह का नामांकन पत्र रद्द कर दिया गया है। उनके बेटे हरमीत सिंह सरपंच का चुनाव लड़ रहे हैं। आम आदमी पार्टी के ब्लॉक अध्यक्ष मुख्तियार सिंह खुद सरपंच के लिए मैदान में हैं।