गैंगस्टर के संपर्क से जस्सू तक पहुंचा पिस्टल, टूटे मोबाइल के ठीक होने के बाद खुलेगा राज, छह दिन के रिमांड पर दोनों आरोपी
संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। गांव पड़ौल में पंच एवं पहलवान सत्ती की हत्या में 30 बोर पिस्टल इस्तेमाल किया गया था। यह पिस्टल अवैध है जोकि गैंगस्टर के माध्यम से जसप्रीत सिंह उर्फ जस्सू तक पहुंचा था। जस्सू किस गैंगस्टर के संपर्क में था उसका खुलासा उसके टूटे हुए मोबाइल के ठीक होने के बाद होगा। सीआईए खरड़ जस्सू के मोबाइल को ठीक करवा रही है जिससे कई राज खुलेंगे। फिलहाल दोनों आरोपी जस्सू व दविंदर सिंह उर्फ जूरा छह दिन के पुलिस रिमांड पर हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी की एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई है, जिसमें आरोपी एमएलए फ्लैट के पीछे एक सुनसान जगह में छिपे हुए थे। वायरल वीडियो में आरोपियों की ओर से हवाई फायर किए जाने की बात सामने आई है लेकिन सीआईए इंचार्ज ने इसकी पुष्टि नहीं की है। वहीं, वीडियो में सीआईए टीम दोनों को हथियार नीचे रखकर सरेंडर करने को कह रही है। बाद में दोनों को हथियार सहित काबू किया गया। इस बीच गांव वालों ने सीआईए को आरोपियों को उन्हें मौके पर ही दंड देने की बात कही जिसके बाद गांव वालों व पुलिस ने तकरार हो गई। बाद में सीआईए ने मामला शांत करवाया और दोनों आरोपियों को अपने साथ ले गई।
सत्ती को मारी थी छह गोलियां मुल्लांपुर
गरीबदास पुलिस ने सत्ती के भाई मेजर सिंह की शिकायत पर गांव पड़ौल निवासी जसप्रीत सिंह उर्फ जस्सू और दविंदर सिंह उर्फ जूरा के खिलाफ केस दर्ज किया था। शिकायत के मुताबिक, वीरवार देर रात सत्ती छोटी-बड़ी नग्गल मार्ग की तरफ से अपनी गाड़ी में घर लौट रहा था। घर के पास पहुंचने पर आरोपियों ने कथित तौर पर उसकी गाड़ी को घेर लिया और उस पर छह से सात गोलियां चला दीं। सत्ती के शरीर पर छह गोली लगी थी। गंभीर हालत में पहले उसे सेक्टर-16 अस्पताल ले जाया गया, जहां से पीजीआई रेफर कर दिया गया था। शनिवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
छेड़छाड़ को लेकर शुरू हुआ था विवाद
शुरुआती जांच में वारदात के पीछे पुरानी रंजिश सामने आई थी। दोनों पक्षों के बीच छेड़छाड़ को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद गांव की पंचायत में कई बार दोनों पक्षों के बीच समझौता भी कराया गया, लेकिन रंजिश पूरी तरह खत्म नहीं हुई थी। सत्ती की मौत के बाद गुस्साए गांव वालों ने आरोपियों को पकड़ने के लिए न्यू चंडीगढ़ ओमेक्स रास्ता जाम कर दिया। ग्रामीणों ने पुलिस से जल्द से जल्द दोनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार करने के साथ-साथ फायरिंग में इस्तेमाल हथियार और वारदात में शामिल अन्य लोगों का पता लगाने की मांग की थी। पुलिस ने स्थिति तनावपूर्ण होते देख अपना सर्च अभियान तेज किया और देर रात दोनों आरोपियों को मुल्लांपुर ओमेक्स के पास से गिरफ्तार कर लिया गया था।
आरोपी छह दिन के पुलिस रिमांड पर है। आरोपियों से 30 बोर पिस्टल बरामद हुआ है जो लाइसेंसी नहीं है। पिस्टल किसी गैंगस्टर के संपर्क से लिया गया है। आरोपी का फोन टूटा हुआ है जिसे ठीक करवाया जा रहा है। उसके बाद पता चल पाएगा कि वह किसके संपर्क में थे। प्रदीप बाजवा, सीआईए इंचार्ज खरड़