लांडरां/बनूड़। जिले में धान की बुआई 19 जून से शुरू होगी। किसान अपने खेतों में पानी छोड़कर ट्रैक्टर से खेत तैयार करने में जुट गए हैं। धान लगाने के लिए यूपी और बिहार से बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर गांवों में पहुंच रहे हैं। अधिकांश गेहूं की कंबाइन से कटाई की जाती है, इसलिए अधिकांश प्रवासी श्रमिकों को धान की कटाई पर लगाया जाता है। इस क्षेत्र के धरमगढ़, बूटासिंहवाला, बठलाना,दैड़ी, प्रेमगढ़ आदि गांवों में आज किसानों ने खेतों में पानी छोड़ा। कुछ गांवों में किसानों ने निर्धारित समय से पहले धान लगाने का प्रयास किया लेकिन कृषि विभाग के कर्मचारियों ने किसानों को निर्धारित समय पर धान लगाने के लिए राजी कर लिया। खेतों में ट्रैक्टर से कद्दू करते हुए धान के लिए खेत को तैयार कर रहे प्रेमगढ़ के पूर्व सरपंच जगदीप सिंह ने कहा कि कल से धान लगाना शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि वे हमेशा सरकार द्वारा निर्धारित समय के अनुसार ही धान की रोपाई करते हैं। उसी खेत में धान लगाने के लिए धान की खुदाई कर रहे मजदूर ने बताया कि वह कई दिनों से खाली बैठा है। गांवों में बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर धान लगाने के लिए पहुंचे हैं। धान की रोपाई तीन हजार से 3500 रुपये प्रति किल्ला के बीच है। बारिश होने पर पूरे क्षेत्र में धान की रोपाई में तेजी आने की संभावना है।
बनूड़ नहर का पानी सूखा
बनूड़ क्षेत्र के 40 से अधिक गांवों के 50 हजार एकड़ से अधिक क्षेत्र को नहरी पानी उपलब्ध कराने के लिए 150 करोड़ रुपये की लागत से घग्घर नदी पर बांध बनाया गया था। वहीं अभी इस नहर में पानी नहीं है। खाली जगह की अब तक सफाई नहीं कराई गई है। किसानों की मांग है कि धान का सीजन शुरू हो गया है इसलिए बनूड़ नहर में पानी बिना देरी से छोड़ा जाए।