लांडरां/बनूड़। बारिश की कमी और बिजली की अपर्याप्त आपूर्ति से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। उन्हें कृषि कार्यों के लिए निर्धारित आठ घंटे बिजली नहीं मिल रही है, जिससे धान की फसल सूखने लगी है। किसान महंगे डीजल से जनरेटर चलाकर खेतों की सिंचाई करने को मजबूर हैं।किसानों का कहना है कि कई दिनों से बिजली की पूरी आपूर्ति नहीं मिल रही है। खेतों में नमी की कमी के कारण फसल को बचाना मुश्किल हो रहा है। वे जनरेटर चलाकर ट्यूबवेल से सिंचाई कर रहे हैं, जिससे लागत बढ़ गई है।
किसानों ने पंजाब सरकार और पावरकॉम से कृषि क्षेत्र के लिए आठ घंटे निर्बाध बिजली देने की मांग की है। किसान नेताओं ने कहा कि सरकार के आठ घंटे बिजली देने के दावों के बावजूद जमीनी स्तर पर किसानों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने बताया कि बारिश न होने से खेतों में नमी की कमी है। ऐसे में बिजली की अनियमित आपूर्ति ने समस्या को और गंभीर कर दिया है। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द बिजली आपूर्ति में सुधार नहीं हुआ तो वे पावरकॉम अधिकारियों का घेराव करेंगे।