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Mohali News: पड़ौल पंच हत्याकांड ..गैंगस्टर लक्की पटियाल ने जस्सू को दिया था .30 बोर पिस्टल

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संवाद न्यूज एजेंसी
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मोहाली। गांव पड़ौल के पंच सुखवंत सिंह उर्फ सत्ती की हत्या की जांच में पुलिस पूछताछ के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार हत्या के आरोपी जसप्रीत सिंह उर्फ जस्सू को ए-कैटेगरी गैंगस्टर लक्की पटियाल ने .30 बोर का पिस्टल उपलब्ध करवाया था। जस्सू सोशल मीडिया के माध्यम से पटियाल के संपर्क में आया था और करीब एक महीने पहले दोनों के बीच बातचीत हुई थी। खास बात यह है कि गैंगस्टर ने जस्सू को किसी विशेष टारगेट के लिए हथियार दिया था, लेकिन टारगेट बताए जाने से पहले ही जस्सू ने उसी पिस्टल से सत्ती की हत्या कर दी। 15 दिन पहले छिपाकर रखा हथियार उठाया था



पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि जस्सू ने करीब 15 दिन पहले किसी अज्ञात स्थान पर छिपाकर रखा गया हथियार उठाया था। पुलिस के अनुसार यह हथियार उसे लक्की पटियाल की ओर से उपलब्ध करवाया गया था। पटियाल ने जस्सू को किसी विशेष टारगेट को अंजाम देने के लिए तैयार रहने को कहा था। हालांकि, अभी तक उसे उस टारगेट की जिम्मेदारी नहीं दी गई थी लेकिन उसे एक जगह जाने के लिए कहा गया था। पुलिस ने जांच प्रभावित होने की आशंका के चलते उस स्थान या टारगेट की जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। बदला लेने की ठानकर आया था जस्सू
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एसपी रूरल जसपिंदर सिंह के अनुसार जस्सू के मन में सत्ती के खिलाफ पुरानी रंजिश को लेकर मलाल था। 21 सितंबर को वह बदला लेने की नीयत से घर से यह ठानकर निकला था कि सत्ती की हत्या करनी है। इसी दौरान उसके साथी दविंदर सिंह उर्फ जूड़ा के साथ मिलकर उसने सत्ती पर गोलियां चला दीं। पुलिस के मुताबिक सत्ती को छह गोलियां लगी थीं। जिस पिस्टल का इस्तेमाल हत्या में हुआ, वह लक्की पटियाल की ओर से जस्सू को दिया गया था, लेकिन पटियाल ने सत्ती की हत्या का टारगेट नहीं दिया था।

छेड़छाड़ के मामले को लेकर थी रंजिश



पुलिस जांच में हत्या के पीछे दोनों पक्षों के बीच पुराना विवाद सामने आया है। बताया गया है कि छेड़छाड़ के मामले को लेकर दोनों पक्षों में रंजिश चल रही थी। इस विवाद को खत्म कराने के लिए गांव की पंचायत और पुलिस स्तर पर दो-तीन बार दोनों पक्षों के बीच समझौता भी कराया गया था। इसके बावजूद विवाद पूरी तरह खत्म नहीं हुआ और पुलिस के अनुसार इसी रंजिश ने बाद में हत्या का रूप ले लिया।

दोनों आरोपियों का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड



पुलिस के अनुसार जस्सू और दविंदर दोनों के खिलाफ पहले भी मामले दर्ज हैं। जस्सू के खिलाफ थाना मुल्लांपुर में वर्ष 2024 का केस नंबर 118 और वर्ष 2020 का केस नंबर 29 दर्ज है। वहीं दविंदर सिंह के खिलाफ वर्ष 2025 में केस नंबर 71 के तहत पॉक्सो एक्ट और दुष्कर्म से संबंधित मामला दर्ज है। पुलिस इन मामलों के रिकॉर्ड और आरोपियों की पुरानी गतिविधियों की भी जांच कर रही है।

पुलिस से मुठभेड़ नहीं, आरोपी ने किया था हवाई फायर



गिरफ्तारी के दौरान पुलिस और आरोपियों के बीच क्रॉस फायरिंग होने की बात से पुलिस ने इनकार किया है। पुलिस के मुताबिक एक आरोपी ने पुलिस का ध्यान भटकाने के लिए केवल हवाई फायर किया था। इसके बाद उसने हथियार नीचे रखकर दोनों हाथ ऊपर कर आत्मसमर्पण कर दिया। मौके पर सीआईए इंचार्ज और थाना मुल्लांपुर की टीम मौजूद थी।
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तीन दिन तक कहां छिपे, मददगारों की तलाश



हत्या के बाद दोनों आरोपी करीब तीन दिन तक कहां रहे और इस दौरान उन्हें किसने पनाह दी, पुलिस इसकी जांच कर रही है। फिलहाल किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने नहीं आई है, लेकिन पुलिस आरोपियों के संपर्कों और संभावित मददगारों की भूमिका खंगाल रही है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि दोनों आरोपियों के खिलाफ अभी तक कोई एनडीपीएस मामला सामने नहीं आया है। वहीं लक्की पटियाल की भूमिका, जस्सू से संपर्क और हथियार उपलब्ध कराने के पूरे नेटवर्क की जांच जारी है।
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