मोहाली। जिले के औद्योगिक क्षेत्रों में रात के समय हो रही बिजली कटौती से उद्योगों का कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। उद्योगपतियों ने बिजली विभाग से इस गंभीर समस्या का समाधान करने की मांग की है। रात करीब 10 बजे से सुबह 7 बजे तक बार-बार बिजली आपूर्ति बाधित होने से चौबीसों घंटे चलने वाली औद्योगिक इकाइयों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
उद्योगपतियों का कहना है कि उनकी फैक्ट्रियां 24 घंटे चलती हैं और अधिकांश उत्पादन रात्रि पाली में होता है। बिना पूर्व सूचना के कटौती से उत्पादन प्रक्रिया रुक जाती है, जिससे तैयार माल की आपूर्ति समय पर नहीं हो पाती। मोहाली इंडस्ट्री एसोसिएशन के पूर्व प्रधान मुकेश बंसल ने बताया कि लगातार बिजली बाधित होने से मशीनों को बार-बार बंद-चालू करना पड़ता है, जिससे तकनीकी नुकसान का खतरा बढ़ता है। उत्पादन में देरी से परिचालन लागत भी बढ़ रही है और ऑर्डर पूरे न होने से आर्थिक नुकसान हो रहा है। मोहाली इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के महासचिव दिलप्रीत सिंह बोपाराय ने कहा कि रात की शिफ्ट में कार्यरत कर्मचारियों का कार्य भी प्रभावित हो रहा है, जिससे श्रम उत्पादकता पर असर पड़ता है। उन्होंने बताया कि मोहाली के फेज-1 से लेकर 9 तक यही हाल है।
उपभोक्ताओं पर भी असर
उपभोक्ता संरक्षण फेडरेशन मोहाली ने भी अघोषित बिजली कटों पर चिंता जताई है। फेडरेशन की बैठक में बिजली विभाग से लगातार आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की गई। सदस्यों ने कहा कि अघोषित कटों के कारण इन्वर्टर भी काम नहीं कर रहे हैं। इससे छोटे बच्चे, बुजुर्ग और मरीजों को काफी परेशानी हो रही है।
उद्योगों की प्रमुख मांगें
औद्योगिक इकाइयों ने बिजली विभाग से रात्रि के समय निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। यदि रखरखाव या तकनीकी कार्य के कारण बिजली बंद करना आवश्यक हो, तो इसकी पूर्व सूचना उद्योगों को दी जाए। इससे वे अपने उत्पादन कार्यक्रम में बदलाव कर नुकसान से बच सकेंगे।