मोहाली। पावरकॉम की पावर के दो मापदंड हैं। एक आम आदमी के लिए और दूसरा रसूखदारों के लिए। आम उपभोक्ता अगर 3 महीने तक बिजली बिल न भर पाए तो नोटिस देने के साथ ही उसका कनेक्शन काट दिया जाता है, लेकिन प्रशासन पर पावरकॉम की यह पावर काम नहीं करती। यही वजह है कि जिला प्रशासन व पुलिस पर पावरकॉम का 61 लाख रुपये से ज्यादा बकाया होने के बाद भी अफसरों के कांप्लेक्स बिजली से रोशन हैं। जनता का कनेक्शन तीन महीने तक बिन न देने पर कट जाने पर उपभोक्ता को दोबारा कनेक्शन शुरू करवाने में पसीने छूट जाते हैं। वहीं प्रशासनिक संस्थानों पर पावरकॉम कोई कार्रवाई नहीं करता है।
हाल ही में बिजली बिलों में किए गए इजाफे के पीछे पावरकॉम की खस्ताहाल आर्थिक स्थिति का हवाला दिया गया था। बिजली दरों में लगातार इजाफे के बावजूद पावरकॉम की आर्थिक स्थिति अगर ठीक नहीं हो रही तो उसके पीछे आम आदमी नहीं बल्कि प्रशासनिक अधिकारी जिम्मेदार हैं। बात मोहाली की करें तो यहां जिला पुलिस व प्रशासन पर पावरकॉम का 61 लाख 79 हजार 388 रुपये बकाया है। मोहाली के जिला प्रबंधकीय कांप्लेक्स पर 52 लाख 36 हजार 523 रुपए का बिजली बिल बकाया है। जिला प्रबंधकीय कांप्लेक्स में डीसी व एसएसपी सहित सभी विभागों के अधिकारी व उनका अमला बैठता है। पुलिस भी प्रशासन से पीछे नहीं है। मोहाली एसएसपी के कैंप ऑफिस पर 9 लाख 42 हजार 865 रुपये का बिजली बिल बकाया है।
इस संबंध में जब पंजाब के कैबिनेट मंत्रियों तृप्त बाजवा व साधु सिंह धर्मसोत से बात की गई तो उन्होंने ठोस जवाब देने की बजाय दोनों ही मंत्रियों का कहना था कि बिजली का इस्तेमाल किया है तो भुगतान भी करना ही पड़ेगा, चाहे देर-सवेर करना पड़े।