मोहाली। मोहाली और बठिंडा से संबंधित चार संपत्तियों को डी-फ्रीज करने के मामले में अदालत ने पूर्व एआईजी मलविंदर सिंह सिद्धू को राहत प्रदान की है। सुनवाई के दौरान विजिलेंस ब्यूरो ने जांच रिपोर्ट पेश कर इन संपत्तियों को डी-फ्रीज करने पर कोई आपत्ति नहीं जताई। इसके बाद अदालत ने शर्तों के साथ आदेश पारित किया।
अदालत में दायर आवेदन में कहा गया था कि विजिलेंस ब्यूरो द्वारा जिन संपत्तियों को फ्रीज किया गया है, वे आरोपित की पैतृक व पारिवारिक संपत्तियां हैं। इनमें मोहाली के सेक्टर-59, फेज-4 स्थित हाउस नंबर 409, फेज-10 स्थित बूथ नंबर 202, बठिंडा में पावर हाउस बोर्ड लेन नंबर-1 स्थित कोठी नंबर 3315 और बठिंडा में 12 एकड़ जमीन शामिल है, जहां गोदाम बने हुए हैं।
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया कि मोहाली स्थित हाउस नंबर 409 प्रदीप कौर को उनके माता-पिता ने विवाह के समय उपहार स्वरूप दिया था, जबकि बूथ नंबर 202 उनके पिता के निधन के बाद उनके हिस्से में आया। वहीं बठिंडा की अन्य संपत्तियां आरोपी के पिता और दादा द्वारा वर्ष 1959 से 1972 के बीच खरीदी गई थीं। मामले में नोटिस मिलने पर विजिलेंस ब्यूरो अदालत में पेश हुआ और बताया कि जांच के दौरान सामने आया है कि संबंधित संपत्तियां पैतृक हैं। इस आधार पर विभाग ने इन्हें डी-फ्रीज करने पर कोई आपत्ति नहीं जताई।
विजिलेंस की ‘नो ऑब्जेक्शन’ को ध्यान में रखते हुए अदालत ने सभी संपत्तियों को डी-फ्रीज करने का आदेश दे दिया। हालांकि अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में आरोपी इन संपत्तियों को बेचना चाहता है तो उसे बिक्री समझौते और लेनदेन का पूरा विवरण पहले विजिलेंस ब्यूरो को देना होगा। अदालत ने आवेदन को स्वीकार करते हुए इसे मुख्य फाइल के साथ संलग्न करने के निर्देश भी दिए हैं। विजिलेंस ने मलविंदर सिंह सिद्धू के खिलाफ वर्ष 2023 में आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया था।