मोहाली। तरनतारन बम धमाके के मामले की शुक्रवार को नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) की विशेष अदालत में सुनवाई हुई। इस दौरान मामले के एक आरोपी हरजीत की ओर से अपनी अंतरिम जमानत के लिए लगाई गई याचिका को अदालत ने खारिज कर दिया। हालांकि आरोपी को उसकी बहन की शादी में शामिल होने की अनुमति मिल गई। वह कड़ी सुरक्षा के बीच बहन के शादी समारोह में जाएगा।
तरनतारन जिले के पंडोरी गोला गांव के बाहरी इलाके में हुए बम ब्लास्ट मामले के एक आरोपी हरजीत सिंह ने अपनी बहन शरणजीत कौर की शादी में शिरकत करने के लिए 29 अक्तूबर से 4 नवंबर तक अंतरिम जमानत की याचिका दी थी। आरोपी ने अपने आवेदन में कहा था कि वह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा है, जबकि उसकी बहन के शरणजीत कौर और बहन की शादी 2 नवंबर को होगी। याचिका में यह भी कहा गया था कि उसके पिता की उम्र 61 साल है। ऐसे में वह शादी समारोह की तैयारियां करने में सक्षम नहीं है। वहीं, वह अपनी बहन की शादी के कई रीति-रिवाजों को पूरा करना चाहता है और उसे ही शादी के सभी इंतजाम करने होंगे। जबकि एनआईए ने अपने जवाब में कहा कि हरजीत सिंह प्रो-खालिस्तान आतंकवादी गिरोह का सक्रिय सदस्य था। जो स्वतंत्र खालिस्तान राज्य का समर्थन करता था। आरोपी आतंकी गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ इसी इरादे से जुड़ा हुआ था। वहीं, उसके तार अन्य लोगों से जुड़े हैं।
जिक्रयोग है कि साल 2019 सितंबर में पंजाब के तरनतारन में बम धमाका हुआ था,। जिसमें एनआईए ने 9 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। इन आरोपियों में एक नाबालिग भी शामिल थी, इन आरोपियों का उद्देश्य पंजाब में अशांति फैलाना था। एनआईए ने अपने आरोप पत्र में लिखा था कि यह बम धमाका 4 सितंबर, 2019 को हुआ था और इसमें दो लोग मारे गए थे। आरोप पत्र में कहा गया है कि मारे गए दोनों व्यक्ति हरप्रीत सिंह और विक्रम सिंह भी मामले के आरोपी हैं। तरनतारन जिले के थाना सदर बाजार में इस बाबत पहले रिपोर्ट दर्ज की गई थी, लेकिन बाद में एनआईए ने इस बाबत अपना मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।