खरड़। खरड़ सिटी पुलिस और सेहत विभाग की टीम ने शनिवार शाम एक लैब पर छापा मारकर लैब के मालिक विवेक चक्रवर्ती को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। खरड़ सिटी पुलिस के थानाध्यक्ष भगवंत सिंह ने बताया कि छज्जूमाजरा रोड पर स्थित चक्रवर्ती लैब का मालिक विवेक चक्रवर्ती लोगों से कोरोना वायरस के टेस्ट के नाम पर चार हजार रुपये लेकर यह टेस्ट कर रहा था। जबकि कोरोना वायरस का यह टेस्ट पीजीआई चण्डीगढ़, अमृतसर, पटियाला और पुणे स्थित सरकारी लैब में ही होता है।
आरोपी विवेक चक्रवर्ती ने शनिवार को अपने मोबाइल के व्हाटसएप से चार हजार रुपये में कोरोना वायरस को टेस्ट करवाने का मैसेज लोगों को भेजा। इस मैसेज की सूचना लोगों ने स्वास्थय विभाग को दी। जिस पर सिविल सर्जन डाक्टर मनजीत सिंह के निर्देश पर सहायक सिविल सर्जन डाक्टर कुलदीप सिंह और जिला स्वास्थय अधिकारी डाक्टर सुभाष शर्मा ने खरड़ पुलिस को साथ लेकर छज्जूमाजरा रोड पर स्थित चक्रवर्ती लैब में छापा मारा। इस लैब में कोरोना वायरस का टेस्ट करने के पोस्टर लगे हुए थे। स्वास्थय विभाग की टीम ने जब लैब के मालिक विवेक चक्रवर्ती से इस टेस्ट के बारे में पूछा तो उसने बताया कि उसने इस टेस्ट को करने के लिए स्वास्थय विभाग को मंजूरी के लिए लिखा हुआ है। सिविल सर्जन ने बताया कि कोई भी व्यक्ति, निजी अस्पताल या निजी लैब में कोरोना वायरस का टेस्ट नहीं कर सकता। ऐसे टेस्ट करने की मंजूरी केवल भारत सरकार दे सकती है लेकिन अभी तक किसी भी निजी अस्पताल या निजी लैब को इसकी मंजूरी नहीं मिली है।
सिविल सर्जन ने बताया कि कोरोना वायरस के टेस्ट का दावा करने वाले विवेक चक्रवर्ती लोगों को चार हजार रुपये में यह टेस्ट करने का दावा करके उन्हें गुमराह करके धोखाधड़ी कर रहा था। थानाध्यक्ष भगवंत सिंह ने बताया कि आरोपी विवेक चक्रवर्ती के पास बीएससी, एमएलटी की डिग्री है। लेकिन उसने दुकान के बाहर लगे बोर्ड और लैटर पैड पर एमएससी, एमएलटी लिखा हुआ है। थानाध्यक्ष ने आगे बताया कि आरोपी विवेक चक्रवर्ती को फिलहाल पुलिस हिरासत में ले लिया गया है। सिविल सर्जन की ओर से लिखित शिकायत आने के बाद आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया जाएगा।