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मोहाली के डेढ़ लाख कामगारों को है इंतजार... कब चलेगी सिटी बस

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मोहाली। वीआईपी सिटी का विस्तार हुआ, उद्योग आए, रोजगार आया, लेकिन यहां के बाशिंदों को सार्वजनिक परिवहन की सुविधा अभी तक नहीं मिल सकी। मोहाली इंडस्ट्रियल एसोसिएशन ने रूट बनाकर दिए, लेकिन हालात ज्यों के त्यों बने हुए हैं। डेढ़ लाख से ज्यादा कामगार सिटी बस की बाट जोह रहे हैं, फिर भी स्थानीय प्रशासन सहित इस मुद्दे पर राज्य सरकार भी चुप्पी साधे हुए है।
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पंजाब के वीआईपी जिले और ट्राइसिटी के अहम अंग मोहाली में सिटी बस सर्विस का न होना इसे पिछड़े शहरों की श्रेणी में लाकर खड़ा करता है। मोहाली इंडस्ट्रियल एसोसिएशन यानी एमआईए भी लंबे समय से सिटी बस सर्विस की मांग कर रही है। राज्य के आला अधिकारियों के साथ हुई बैठक के बाद हाल ही में एमआईए ने सिटी बसों के सात रूट भी राज्य सरकार को दिए हैं। एमआईए ने तकरीबन तीन माह पहले जिला प्रशासन और नगर निगम के साथ हुई बैठक में सिटी बस के मुद्दे को उठाया था। हालांकि यह पहली बार नहीं था। इस बैठक के बाद परिवहन विभाग को भी इसमें शामिल किया गया।
फरवरी, 2021 में एमआईए ने सात रूट बनाकर परिवहन विभाग को सौंपे थे। जिसमें फेज 7, 8, 7ए, 8ए और 8बी सहित मोहाली इंडस्ट्रियल एरिया को कवर करते हुए सिटी बस चलाने का अनुरोध किया गया था। एक दशक के दौरान ही वीआईपी जिले मोहाली का विस्तार तीन गुना हो गया है। मोहाली के साथ जीरकपुर, खरड़, कुराली और न्यू चंडीगढ़ तक शहर का फैलाव होने के साथ ही उद्योगों का विस्तार भी हुआ है। जिले में तकरीबन डेढ़ लाख ऐसे कामगार हैं जिनकी आय 20 हजार या फिर उससे कम है। साथ ही इनके निवास और कार्यक्षेत्र की दूरी 10 किमी या फिर उससे अधिक है। मोहाली में सार्वजनिक परिवहन सुविधा यानी सिटी बस के न होने से इन डेढ़ लाख कामगारों को अपने कार्यक्षेत्र तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ तो उठाना ही पड़ता है, साथ ही अधिक समय भी खर्च करना पड़ता है। इन लोगों का कहना है कि मोहाली भले ही ट्राइसिटी का अंग होने के साथ प्रगतिशील शहर होने का दावा करता हो, लेकिन सार्वजनिक परिवहन सुविधा न होने से इसकी गिनती विकसित शहरों की श्रेणी में नहीं होती।
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क्या कहते हैं लोग..
मोहाली को तत्काल प्रभाव से किसी चीज की जरूरत है, तो वो है सिटी बस सर्विस की। ईको सिटी से लेकर आईटी सिटी तक नए सेक्टर बन गए, फिर भी शहर में सार्वजनिक परिवहन की सुविधा नहीं है। कामगारों में महिलाओं की संख्या बढ़ रही है। ऑटो में सफर करना सुरक्षा की दृष्टि से उचित नहीं है। शहर की सड़कों पर अतिरिक्त यातायात पर्यावरण के लिए भी घातक है। मोहाली को प्रगतिशील बनाना है तो सार्वजनिक परिवहन को आने वाले 10 साल की योजना के साथ तत्काल लागू किया जाना चाहिए। - संजीव वशिष्ठ, पूर्व प्रधान, मोहाली इंडस्ट्रियल एसोसिएशन
शहर में सिटी बस सर्विस का होना जरूरी है। यह कामगारों विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा के लिए अहम है। एमआईए लगातार इस मांग को उठा रही है। हाल ही में जिला प्रशासन, नगर निगम और परिवहन विभाग को कामगारों के लिए महत्वपूर्ण 7 रूटों की सूची सौंपी गई थी। अभी तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। सिटी बस सर्विस कामगारों के लिए महत्वपूर्ण है। इससे जहां आर्थिक बचत होगी वहीं समय का सदुपयोग होने के साथ सुरक्षा भी बढ़ेगी। - योगेश सागर, प्रधान मोहाली इंडस्ट्रियल एसोसिएशन
मोहाली पंजाब में विकास की नई इबारत लिख रहा है। ऐसे में सार्वजनिक परिवहन की कमी उसे पीछे धकेल देती है। उद्योगों का विकास होने के साथ ही रोजगार के नए अवसर पैदा होते हैं। ऐसे में सिटी बस सर्विस का न होना बाहर से आए लोगों के बीच शहर की छवि को खराब करता है। सिटी बस जैसी सार्वजनिक परिवहन की सुविधा होने से शहर की सड़कों पर यातायात का दबाव भी कम होगा और प्रदूषण नियंत्रित करने में सहयोग मिलेगा। - मुकेश घई, एडवोकेट एवं मोहाली इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के सदस्य।
मैं मटौर में रहता हूं और फेज-8 में नौकरी करता हूं। ऑटो से घर से फैक्ट्री तक के सफर में आधा घंटा लगता है। सिटी बस सर्विस हो तो ये सफर महज 10 मिनट का है। ऑटो में रोजाना का यह सफर काफी मंहगा पड़ता है। मेरी मां भी नौकरी करती हैं। उन्हें भी ऑटो से सफर करना पड़ता है। जिससे हमें असुरक्षा महसूस होती है। ऑटो से सफर अनिश्चितता भरा है। बुजुर्गों व महिलाओं के लिए सिटी बस सर्विस सुरक्षित और सहज होगी। इसे तत्काल शुरू किया जाना चाहिए। - पंकज शर्मा, कामगार, फेज-8 इंडस्ट्रियल एरिया मोहाली
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