मोहाली। जज्बा जीतने का हो तो कोई ताकत आपको हरा नहीं सकती। मोहाली के 95 वर्षीय बुजुर्ग करतार सिंह ने कोरोना संक्रमण को मात देकर इसे सही साबित कर दिया है। यह जिले के पहले सबसे ज्यादा उम्र के बुजुर्ग हैं, जिन्होेंने तमाम शारीरिक मुश्किलों के बावजूद कोरोना को शिकस्त दे दी।
19 दिन पहले खरड़ के गांव रोडा निवासी करतार सिंह को वीआईपी सिटी के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। जब उन्हें अस्पताल लाया गया तब उनकी हालत बेहद खराब थी। सांस लेने में तकलीफ के साथ बुखार-खांसी तो थी ही, ऑक्सीजन का स्तर भी महज 80 प्रतिशत था। उन्हें इमरजेंसी में भर्ती कर कोविड एंटीजन टेस्ट किया गया, तो वह भी पॉजिटिव आया। उन्हें कोविड निमोनिया और श्वसनतंत्र फेल होने की समस्या भी हो गई। बुजुर्ग को आईसीयू में शिफ्ट कर इलाज शुरू किया गया। उनका इलाज कर रहे डॉ. सुरेश गोयल बताते हैं कि इलाज के 8वें दिन बुजुर्ग को सेप्सिस हो गया, जो शरीर में इन्फेक्शन की वजह से होने वाली एक खतरनाक बीमारी है। बुजुर्ग की किडनी व लीवर ने भी काम करना लगभग बंद कर दिया। इसके बाद उन्हें हेमोडायलिसिस देना पड़ा। इतनी परेशानियों के बावजूद बुजुर्ग ने जबरदस्त इच्छाशक्ति का परिचय दिया। धीरे-धीरे किडनी व लीवर में सुधार होने लगा। हालत सुधरी तो उन्हें वार्ड में शिफ्ट किया गया। दोबारा हुई कोरोना जांच की रिपोर्ट भी निगेटिव आई। डॉ. गोयल बताते हैं कि उपचार के दौरान उनकी हालत में कई बार उतार चढ़ाव आए, लेकिन बुजुर्ग की सशक्त मनोस्थिति व जीने की चाह ने उन्हें घातक बीमारी पर जीत हासिल करने में मदद की। 19 दिन के उपचार के बाद उन्होंने कोरोना पर जीत हासिल की और रविवार को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।