मोहाली। फेज-6 स्थित सिविल अस्पताल के ओपीडी के बाहर स्टाफ नर्सों का अनिश्चितकालीन धरना शनिवार से शुरू हो गया है। नर्सों की मुख्य मांग वर्तमान पे-स्केल में सुधार और 4600 ग्रेड पे लागू करना है। प्रदर्शन के दौरान नर्सें पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की है। पटियाला और अमृतसर के मेडिकल कॉलेजों में भी नर्सों की हड़ताल जारी है। धरना स्थल पर नर्सिंग एसोसिएशन ऑफ मोहाली की प्रधान ज्योति शर्मा, उपप्रधान जसकीरत सिंह और स्टाफ नर्स कमलप्रीत ने कहा कि वे अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। उनके साथी अंकुर कुमार पिछले तीन दिन से भूख हड़ताल पर हैं और केवल पानी पी रहे हैं। उन्होंने बताया कि सरकारी रवैये से निराश होकर उन्होंने कथित आत्महत्या की धमकी दी थी।
मरीजों को हो रही असुविधा
ओपीडी के बाहर धरना होने के कारण अस्पताल में इलाज कराने आए मरीजों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। मरीजों और उनके परिजनों ने बताया कि लंबी लाइनें लग रही हैं, और कुछ जांच या सलाह में देरी हो रही है। कई लोग नर्सों के हक की लड़ाई से सहानुभूति भी जता रहे हैं, वहीं कुछ मरीज अपनी परेशानी जाहिर कर रहे हैं। एम्स की डायरेक्टर प्रिंसिपल डॉ. भवनीत भारती, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट नवदीप सिंह सैनी और एसएमओ डॉ. हरमिंदर सिंह चीमा ने नर्सों से बातचीत कर उन्हें शांति बनाए रखने और ड्यूटी पर लौटने की अपील की। लेकिन नर्सें अडिग रहीं और स्पष्ट किया कि उनकी मांगें पूरी नहीं होने तक धरना जारी रहेगा। यूनियन ने मिनी सचिवालय में सचिव स्वास्थ्य पंजाब, कुमार राहुल से भी मुलाकात की। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि 48 घंटे के भीतर इस मामले पर निर्णय लिया जाएगा। नर्सों का कहना है कि वह सालों से कम वेतन पर काम कर रहे हैं और यह धरना हमारी मजबूरी है। जनता को ज्यादा परेशानी न हो, इसके लिए डीएचएस का नर्सिंग स्टाफ फिलहाल स्वास्थ्य सेवाएं दे रहा है।