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जीरकपुर में बढ़ रही भिखारियों की संख्या, फ्लाईओवर के नीचे गाड़े स्थायी तंबू

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जीरकपुर। शहर की मुख्य सड़कों पर प्रवासी भिखारियों की बढ़ती संख्या से लोग चिंतित हैं। एक भिखारी को भीख देने के बाद दूसरे भिखारी भी भीख के लिए भाग आते हैं और भीड़ जमा हो जाती है। इससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इन प्रवासियों ने रहने के लिए शहर के बीच से गुजरते हाईवे के फ्लाईओवर के नीचे स्थायी तंबू गाड़ लिए हैं और ऐसे तंबू दूर तक लगातार बनते ही जा रहे हैं। इनके बच्चे दिन में पटियाला चौक, पारस टाउन डाउन के सामने और के-एरिया चौक पर बड़ी संख्या में इकट्ठे होकर वाहन चालकों से भीख मांगते हैं। इस कारण इन भिखारी बच्चों के परिजन शहर के फ्लाईओवर के नीचे से कहीं दूसरी जगह नहीं जाना चाहते। जबकि इस सड़क पर ट्रैफिक का दबाव भी ज्यादा होता है। ऐसे में उनके बच्चों के साथ कोई जानलेवा हादसा होने का अंदेशा भी बना रहता है।
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वहीं, इन प्रवासियों के बच्चे ही नहीं बल्कि महिलाएं भी सड़क पर दिन भर भटकती रहती हैं और ट्रैफिक लाइट पर खड़े वाहन चालकों से भीख मांगती हैं। इससे यातायात में भी देरी होती है। इन प्रवासियों में बच्चे, बूढ़ी महिलाएं, छोटी नाबालिग लड़कियां आदि शामिल हैं। इनमें कुछ ऐसे भी हैं जो वास्तव में भिखारी हैं लेकिन इन प्रवासियों ने भीख मांगने को धंधा बना लिया है। ये भिखारी शहर की वीआईपी रोड, पटियाला चौक, पंचकूला मोड़, बस स्टैंड, चंडीगढ़ रोड, लोहगढ़ सनातन धर्म मंदिर में देखे जा सकते हैं। इसके अलावा ये लोग शहर की कॉलोनियों और सोसायटियों में भी भीख मांगकर लोगों को परेशान करते हैं। वहीं शहर की जनता भी इस बात से वाकिफ है कि अगर कहीं चोरी होती है तो इन प्रवासियों में पुरुषों ने ही चोरी की वारदात को अंजाम दिया होगा। लोग प्रशासन से लगातार अपील कर रहे हैं कि फ्लाईओवर के नीचे बैठे इन प्रवासियों को यहां से हटाया जाए।
लोगों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में चोरी की वारदातों पर नजर डालें तो दर्जनों चोरी हो चुकी हैं। जबकि एसडीएम डेराबस्सी ने नगर काउंसिल को पुलिस की मदद से इन प्रवासियों को फ्लाईओवर के नीचे से हटाने के निर्देश दिए हुए हैं, लेकिन नगर काउंसिल के अधिकारी इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। फ्लाईओवर के नीचे इन प्रवासियों के बैठने से शहर की सूरत भी प्रभावित हो रही है और ये प्रवासी नगर काउंसिल के स्वच्छ भारत अभियान को भी कलंकित कर रहे हैं जो फ्लाईओवर के नीचे खुले में गंदगी डाल रहे हैं। जीरकपुर शहर, जिसे पंजाब का प्रवेश द्वार माना जाता है, लेकिन इन भीख मांगने वाले प्रवासियों को देखकर विदेशी पर्यटकों और जीरकपुर शहर से गुजरने वाले यात्रियों के मन में पंजाब के प्रति बुरी सोच पैदा हो रही है। हालांकि इन प्रवासियों के बच्चों को शिक्षा के लिए भेजने के लिए जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा कई प्रयास किए जाते हैं, लेकिन इन बच्चों के माता-पिता उन्हें यह कहकर भीख मांगने के लिए भेजते हैं कि वे उन्हें स्कूल नहीं भेज पा रहे हैं। बाल संरक्षण एवं विकास विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वे इन बच्चों को स्कूल भेजने की कोशिश करते हैं लेकिन उनके माता-पिता उन्हें स्कूल नहीं भेजते, इस वजह से वे कुछ नहीं कर पाते।
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कोट्स
शहर में हर तरफ सड़कों पर फैले भिखारियों के मुद्दे पर उच्चाधिकारियों और पुलिस विभाग के अधिकारियों के साथ जल्द ही बात की जाएगी। इसके बाद मुहिम चलाकर इन प्रवासियों को शहर की सड़कों-चौराहों और फ्लाईओवर के नीचे से हटाने के लिए प्रक्रिया शुरू की जाएगी। - रवनीत सिंह, कार्यकारी अधिकारी, नगर काउंसिल, जीरकपुर।
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