मोहाली। वीआईपी शहर की सड़कों के चौराहों या लाइट प्वाइंट पर लगी ट्रैफिक लाइट्स अब बिजली जाने के बाद भी बंद नहीं होंगी। लोगों की सुरक्षा और सफर को आसान बनाने के लिए नगर निगम सभी चौराहों की ट्रैफिक लाइट्स को दुरुस्त करके इन्हें बैटरी बेकअप (बैटरी बैंक) से जोड़ा जाएगा। इस सिस्टम को दो साल तक दुरुस्त रखने के लिए नगर निगम ने एक निजी कंपनी को ठेका दिया है। जबकि नगर निगम इस प्रोजेक्ट में पूरा काम निजी कंपनी के माध्यम से एक नोडल एजेंसी के रूप में करेगा। अगर सब कुछ सही रहा तो 15 जून के बाद कंपनी दो साल के लिए अपना काम संभाल लेगी।
जानकारी केे मुुताबिक शहर पंजाब के अति आधुनिक शहरों में से एक है। नगर निगम के अधीन 50 वार्ड आते हैं। इसमें पुराने ओर नए सेक्टर दोनों शुमार है। निगम के अधीन आने वाले कई चौक या लाइट प्वाइंट ऐसे हैं, जहां पर ट्रैफिक का दबाव हर समय अधिक रहता है। इतना ही नहीं कई बार तो इन लाइट प्वाइंट पर लाइट्स न जलने के कारण अपनी मनमर्जी से चलने वाले वाहन चालक हादसे का शिकार हो जाते हैं। इसके अलावा जब बारिश या तूफान आदि चलने पर जब बिजली चली जाती है तो उस समय भी ट्रैफिक लाइट्स बंद हो जाती हैं। इस कारण जाम की स्थिति बन जाती है और हादसे होने का अंदेशा बढ़ जाता है।
इसी चीज को ध्यान में रखकर नगर निगम की तरफ से इस प्रोजेक्ट को शुरू करने का फैसला लिया गया है। इस प्रोजेक्ट पर नगर निगम 50 लाख रुपये की लागत से काम करेगा और गमाडा की तरफ से किए जाने वाले काम की समीक्षा तक की जाएगी। नगर निगम की कोशिश यही है कि इलाके के लोगों को इसकी वजह से किसी भी प्रकार की दिक्कत न उठानी पड़े।
कई जगह सोलर लाइट्स लगाईं
जानकारी के मुताबिक नगर निगम की ओर से कई जगह पर ट्रैफिक सिग्नल सोलर लाइट्स के सहारे भी चलाए जा रहे हैं। इससे भी नगर निगम को काफी फायदा मिलता है। क्योंकि इनसे किसी तरह का बिजली बिल नहीं आता। दूसरा इनकी रिपेयर भी कम होती है। साथ ही अधिकतर समय में यह इस्तेमाल किए जा सकते हैं। वहीं, मोहाली की राह पर अब नगर परिषद खरड़ भी चल पड़ा है। नगर परिषद खरड़ की ओर से लांडरां-बनूड़ रोड पर सोलर से चलने वाली ट्रैफिक लाइट्स लगाई गई हैं।