मोहाली। जिले की सड़कों पर भीख या मजदूरी कर अपना जीवन व्यतीत कर रहे 16 बच्चों की जिंदगी अब बदल जाएगी। जिला प्रशासन ने इस दिशा में काम शुरू कर दिया है। इन बच्चों को अब स्कूलों में दाखिल करवाया जाएगा और उनके जीवन में रंग भरकर संवारा जाएगा। बाल सुरक्षा अधिकारी यादविंदर कौर ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि हमारी कोशिश यहीं है कि हर बच्चे के अधिकारों की रक्षा हो। बच्चे पढ़ लिखकर एक अच्छा जीवन व्यतीत करें। यह ड्राइव आगे भी जारी रहेगी।
जानकारी के मुताबिक जिला प्रशासन के आदेश पर बाल सुरक्षा विभाग की टीम को ड्राइव में जीरकपुर और बलटाना क्षेत्र से 16 बच्चे मिले। जो कि सड़कों पर भीख मांग रहे थे या परिजनों संग मजदूरी कर रहे थे। इनमें अलावा एक 15 साल का बच्चा बेसहारा मिला है और उसके परिजन नहीं हैं। अब इन बच्चों को समाजसेवी संस्था में रखकर पढ़ाया जाएगा। टीम ने 15 बच्चों के परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान बच्चों के परिजनों से बातचीत की गई और उन्हें बच्चों को स्कूल में दाखिल करवाने के लिए प्रेरित किया गया। इसके बाद उन्होंने अपने बच्चों को स्कूल भेजने की हामी भरी है। कोरोना काल के बाद जैसे ही स्कूल खुलेंगे तो उक्त बच्चों को स्कूल में भेजा जाएगा। वहीं, एक बेसहारा बच्चे की जिम्मेदारी विभाग ने ली है। विभाग की टीम ने लोगों से अपील की है कि अगर किसी को लावारिस या जरूरतमंद परिवारों के बच्चों की जानकारी मिलती है तो प्रशासन को सूचित करें।