मोहाली। वीआईपी शहर की सड़कों पर अब वाहन चलाते समय यातायात नियम तोड़ने वाले या आपराधिक किस्म के लोगों पर शिकंजा कसने के लिए जिला पुलिस तीसरी आंख से नजर रखेगी। इसके तहत इलाके की सभी प्रमुख सड़कों और चौराहों पर हाई रेजोल्यूशन और नाइट विजन वाले सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जा रहे हैं। इन कैमरों की सबसे बड़ी विशेेषता यह है कि ये तेज गति से गुजरने वाले वाहनों की नंबर प्लेट तक कैप्चर कर लेते हैं। पुलिस की ओर से यह पूरी प्रक्रिया ‘सेव मोहाली’ प्रोजेक्ट के तहत की जा रही है। उम्मीद है कि इससे नियम तोड़ने वाले लोगों पर आसानी से शिकंजा कसा जा सकेगा।
जानकारी के मुताबिक वीआईपी शहर में अपराधों पर शिकंजा कसने और लोगों को यातायात नियमों का पाठ पढ़ाने के लिए यह पूरी प्रक्रिया की जा रही है। करीब 32 जगह यह कैमरे लगाए गए हैं। इतना ही नहीं लोगों को जागरूक करने के लिए बाकायदा कैमरे के बारे में जानकारी तक दी गई है। वहीं, अधिकारियों की मानें तो जहां पर कैमरे लगाए गए हैं, वह अति संवेदनशील प्वाइंट हैं। इनके अलावा कुछ इलाके चंडीगढ़ की सीमा के साथ लगते हैं। इसके साथ ही इन कैमरों में 20 दिन तक का पूरा डॉटा स्टोर किया जा सकता है। हालांकि कुछ जगह पर पहले भी कैमरे लगे हुए थे। लेकिन वह उच्च क्वालिटी के नहीं थे और कई जगह तो कैमरे खराब थे। जिसके बाद इस दिशा में कार्रवाई हुई है। पुलिस की ओर से इसका खास कंट्रोल रूम फेज-8 में बनाया गया है और इस काम पर नजर रखने के लिए एक स्पेशल टीम बनाई गई है। जो कि पूरे ‘सेव मोहाली’ प्रोजेक्ट पर नजर रख रही है। जिस कंपनी के सहयोग से प्रोजेक्ट स्थापित किया गया है, वह करीब तीन साल के लिए मोहाली नगर निगम के साथ काम करेगी।
पुराने कैमरों से हल हो चुके कईं केस
जानकारी के मुताबिक शहर की सड़कों पर जो पहले सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। उनसे भी पुलिस को कई केसों को सुलझाने में सफलता मिली थी। इस दौरान सबसे बड़ा केस केजे सिंह मर्डर केस था। उसका आरोपी कैमरे में कैद हुआ था और इसके बाद ही उसे पकड़ा गया था। इसके अलावा चंडीगढ़ में एक दुष्कर्म हुआ था। उसका आरोपी भी पुलिस ने शहर में लगे कैमरों की मदद से पकड़ा था।
कोहरे में घर के नजदीक पहुंचाएगी व्हाइट लाइन
सर्दी और धुंध का मौसम शुरू होते ही लोगों को सुरक्षित उनके घर तक पहुंचाने के लिए शहर की पूरी सड़कों पर नगर निगम की ओर से रोड सेफ्टी इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है। इसके तहत जहां व्हाइट लाइनिंग की जा रही है। इसके अलावा रिफ्लेक्टर और अन्य सामान भी स्थापित किया जा रहा है, जिससे धुंध की वजह से होने वाले हादसों को रोका जा सके।